राज्य
13-Jun-2026


भोपाल(ईएमएस)। एम्स हॉस्पिटल में में इलाज के दौरान तीन साल के मासूम सार्थक यादव की मौत के मामले में पुलिस ने दो नर्सिंग अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि मासूम को गलती से फॉर्मेलिन नामक खतरनाक रासायनिक पदार्थ का इंजेक्शन लगा दिया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार सागर जिले के बीना निवासी सार्थक यादव को 15 दिसंबर 2025 को बुखार की शिकायत पर एम्स के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया था। अगले दिन उसकी बोन मैरो बायोप्सी होनी थी, जिसके लिए नर्सिंग ऑफिसर अनुका गुजराती फॉर्मेलिन से भरी सिरिंज वार्ड में लेकर आई थी। प्रक्रिया टल जाने के बाद भी सिरिंज को सुरक्षित रखने के बजाय मरीज के बेड के पास रख दिया गया। 17 दिसंबर की सुबह आईवी लाइन फ्लश करने के दौरान नर्सिंग ऑफिसर मधुबाला ने बिना जांच किए उसी सिरिंज का उपयोग कर लिया। हालांकि परिजनों ने तीन बार चेतावनी दी कि सिरिंज में गलत दवा है, लेकिन नर्स ने अनसुना कर दिया गया। फॉर्मेलिन शरीर में जाते ही मासूम अचेत हो गया। उसे तत्काल पीआईसीयू ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। एम्स की आंतरिक जांच समिति और पुलिस जांच में मौत का सीधा कारण गलत फॉर्मेलिन इंजेक्शन पाया गया। इसके आधार पर बागसेवनिया पुलिस ने नर्सिंग ऑफिसर मधुबाला और अनुका गुजराती के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जुनेद / 13 जून