-ट्रेन नहीं मिलने से भड़के छात्रों ने की तोड़फोड़, पुलिस ने लाठी भांजी, फायर किए और आंसूगैस के गोले दागे पटना(ईएमएस)। न तो सरकारें निष्पक्ष परीक्षाएं करा पा रही है और न रोजगार दे पा रही है। परीक्षाएं होती भी है तो चयन के बाद 3-3 साल नियुक्ति नहीं मिलती। इस तरह की अनदेखी से युवाओं में बढ़ता गुस्सा पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर फूटा पड़ा। बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने जा रहे हजारों अभ्यर्थियों ने ट्रेनों की कमी और ट्रेन लेट पहुंचने से नाराज होकर रविवार को पाटलिपुत्र स्टेशन पर जमकर बवाल काटा। इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर ट्रेनों को रोक दिया, पथराव किया और एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ भी की। बिगड़ते हालातों को देखते हुए पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आश्रु गैस के गोले छोड़े, फिर फायरिंग कर दी। इस उपद्रव में जमकर पथराव किया गया, जिसमें आईजी सहित करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। 6 छात्र गिरफ्तार, 500 के खिलाफ मामला दर्ज बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा शुरू होने से पहले पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। परीक्षा देने पहुंचे छात्रों ने अव्यवस्थाओं का आरोप लगाया। मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। छात्रों ने कई ट्रेनों को रोक दिया था। स्टेशन पर दुकानों, एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ की। इसके चलते स्टेशन पर कांच के टुकड़े और पत्थर बिखरे नजर आए। मौके पर पहुंचे पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन ने बताया कि आधी रात के करीब हमें खबर मिली कि कुछ लोग हंगामा कर रहे हैं। हमने उनसे गुजारिश की कि वे हंगामा न करें और परीक्षार्थियों का सहयोग करें। कुछ असामाजिक तत्वों ने बार-बार इमरजेंसी चेन खींची और तरह-तरह की मांगें रखीं, जैसे कि स्पेशल ट्रेनों की मांग, जबकि पहले से ही दो स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। त्यागराजन ने यह भी बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उन छात्रों को भी रोका, जो जाना चाहते थे। इन वजहों से हमें हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है और ट्रेनें रवाना हो चुकी हैं। परीक्षा देने वालों के लिए तय ट्रेनें पहले ही निकल चुकी हैं। रेल आईजी अमरेश कुमार ने बताया कि पाटलिपुत्र जंक्शन पर पथराव मामले में पुलिस ने 6 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। 500 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई है। आईजी जितेंद्र राणा समेत 6 पुलिसकर्मी घायल हो गई हैं। मांगी थी ट्रेन पुलिस ने बरसा दीं लाठियां छात्रा सिर्फ इतना चाहते थे कि समय पर परीक्षा देने पहुंच जाएं। सालों की महनत सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ जाए उन्हे मंजूर नहीं था। लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। छात्रों ने ट्रेन की मांग की तो पुलिस ने लाठियां भांजना शुरु कर दिया। वहीं रेल आईजी अमरेश कुमार कहना है कि स्टेशन पर मधुबनी एक्सप्रेस और सीमांचल एक्सप्रेस आकर लगी थी। इसमें कई छात्रों को दरभंगा और मधुबनी साइड जाना था। इसमें तमाम छात्र सवार भी हो गए थे। उसके बाद 200 से 300 की संख्या में छात्र स्टेशन पर आए और उनका मकसद था कि वह ट्रेन में ना जाकर स्टेशन पर हंगामा करें। छात्र ट्रैक पर आकर बैठ गए और वो स्पेशल ट्रेन की डिमांड करने लगे। इसके बाद हमलोगों ने छात्रों की बात सीनियर अधिकारियों को बताई। जिसके बाद यह जानकारी दी गई कि 1 घंटे के बाद एक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। रात 2.10 मिनट पर स्पेशल ट्रेन आ कर लग गई थी। डीजीपी से हमारी बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि छात्रों को समझाइए कि अगर उनका एग्जाम इस ट्रेन से जाने से छूट जाता है तो हम लोग एग्जाम री शेड्यूल करेंगे। हमलोगों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से कहा कि 4:30 घंटे में इस ट्रेन को एरिया तक पहुंचा देंगे, आप लोग 2.30 बजे भी निकलेंगे तो भी आराम से सेंटर पर पहुंच जाएंगे, लेकिन छात्र कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। उसके बाद फोर्स और लाठी चार्ज का इस्तेमाल कर इन सभी को हटाया गया। टियर गैस का इस्तेमाल किया गया जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई। परीक्षा छूटने के डर से भड़के छात्र छात्रों की नाराजगी की वजह थी कि परीक्षा देने जाने वाले छात्रों को सत्तू, शर्बत जैसी जरुरतों को पूरा करने का दावा करने वाली बिहार सरकार आवागमन के साधन तक मुहैया नहीं करा पाई। परीक्षा दो पालियों में होनी थी, जिसके लिए हजारों अभ्यर्थी रात में ही स्टेशन पहुंच गए। स्टेशन पर पर्याप्त ट्रेन व्यवस्था न होने और गाड़ियों के लेट होने से छात्रों में परीक्षा छूटने का डर सताने लगा। स्थिति तब और ज्यादा बिगड़ गई, जब पाटलिपुत्र से कटिहार के लिए चलाई गई एग्जाम स्पेशल ट्रेन स्टेशन पहुंची। इस दौरान अभ्यर्थियों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद नाराज छात्र पाटलिपुत्र-कटिहार एग्जाम स्पेशल ट्रेन के आगे पटरी पर बैठ गए और रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। वीरेंद्र/ईएमएस/14जून2026