-जन्मजात किडनी विकार से जूझ रही थी बच्ची, डॉक्टरों ने दुर्लभ प्रक्रिया से बचाई जान नई दिल्ली,(ईएमएस)। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में मॉरीशस की 19 महीने की बच्ची की दुर्लभ और जटिल रोबोटिक किडनी सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। जन्म से ही गंभीर किडनी विकार से पीड़ित बच्ची का उपचार अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक की मदद से किया गया, जिससे उसे बार-बार होने वाले संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिली। सर्जरी करने वाली टीम के डॉक्टरों का कहना है, कि बच्ची जन्मजात किडनी संबंधी बीमारी (सीएकेयूटी) से पीड़ित थी। इस स्थिति में किडनी और मूत्र प्रणाली का सामान्य विकास प्रभावित हो जाता है, जिससे बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। जांच में पता चला कि बच्ची की दाहिनी किडनी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और उसमें कई सिस्ट विकसित हो गए थे। प्रभावित किडनी कार्य नहीं कर रही थी तथा बार-बार होने वाले यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) और लगातार बुखार का प्रमुख कारण बन गई थी। चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रोबोटिक सर्जरी का निर्णय लिया। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी कम उम्र के बच्चों में रोबोटिक सर्जरी करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की सहायता से यह जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। सर्जरी के बाद बच्ची की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है। चिकित्सकों ने बताया कि सीएकेयूटी बच्चों में क्रॉनिक किडनी रोग का सबसे सामान्य कारणों में से एक है। आंकड़ों के अनुसार, बच्चों में होने वाले लगभग 50 से 60 प्रतिशत क्रॉनिक किडनी रोग और करीब 40 प्रतिशत एंड-स्टेज किडनी डिजीज के मामलों के लिए यही बीमारी जिम्मेदार होती है। ऐसे में विशेषज्ञों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि यदि बच्चों में बार-बार मूत्र संक्रमण, लगातार बुखार, पेशाब संबंधी समस्याएं या विकास में असामान्यताएं दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। समय पर पहचान और उपचार से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है। यह सफल सर्जरी न केवल बाल चिकित्सा और रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत में जटिल और दुर्लभ रोगों के उपचार के लिए विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। हिदायत/ईएमएस 14जून26