हरदा (ईएमएस)। जिला जेल में सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर जेल में निरूद्ध बंदियों के लिए राज्यव्यापी योग सप्ताह कैंपेन 15 से 21 जून तक शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में बंदियों द्वारा योगासन किया गया। शिविर का शुभारंभ ऑनलाईन माध्यम से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति के करकमलों से सुबह साढ़े 7 बजे किया गया। शिविर के आयोजन किए जाने का मुख्य उद्देश्य जेल में निरूद्ध बंदियों को योगासन के लाभ बता कर उनको उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। शिविर में उपस्थित न्यायाधीश व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चन्द्रशेखर राठौर ने जिला जेल में निरूद्ध बंदियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस दिवस को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह प्राचीन भारतीय परंपरा तनाव कम करने, लचीलापन बढ़ाने और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने में मदद करती है। योग हमारे स्वस्थ जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होने बंदियों को विभिन्न योगासनों की शिक्षा दी साथ ही नालसा/सालसा की चल रही विभिन्न विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी से अवगत कराया। इस दौरान उन्होने बंदियों को उनके अधिकारों की जानकारी दी एवं नशा न करने की सलाह भी दी। शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी सौरभ कुमार दुबे ने जेल में निरूद्ध बंदियों को योगा करने से होने वाले प्रमुख लाभों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नियमित योगासन से शरीर मजबूत, लचीला और निरोगी बनता है। यह पाचन तंत्र, श्वसन प्रणाली और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। योग और ध्यान मानसिक तनाव, डिप्रेशन और एंग्जायटी को कम करते हैं। इससे मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता में सुधार होता है। योग मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है, जिससे आंतरिक शांति और सकारात्मकता का अनुभव होता है। उन्होने बंदियों को भारतीय संविधान में वर्णित नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों तथा मूल अधिकारों एवं विभिन्न अधिनियमों, नालसा व सालसा की चल रही विभिन्न विधिक सहायता योजनाओं तथा बंदियों के अधिकारों के बारे में अवगत कराया। शिविर में सहायक जेल अधीक्षक संतोष हरयाल, लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स, तथा पैरालीगल वॉलेंटियर एलके पारे उपस्थित रहे। ईएमएस/मोहने/ 15 जून 2026