नर्मदापुरम(ईएमएस)। जिला प्रशासन के जवाबदार अधिकारियों से जनसुनवाई में गुहार लगाने के बाद भी बुजुर्ग दंपति की जमीन पर जबरन कब्जा कर मकान निर्माण किया जा रहा है। बुजुर्ग ने अब उनकी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण कब्जा हटाने को लेकर कलेक्टर से गुहार लगाई है। आश्चर्य का विषय है कि उक्त विवादित मामला नगर मुख्यालय का ही है। नगर के वार्ड क्रमांक 31 ग्वालटोली रहवासी वृद्ध ऋषि कुमार यादव(68) ने कलेक्टर सहित कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे निजी भूमि पर अवैध कब्जा कर किए जा रहे निर्माण की शिकायत के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। जबकि अतिरिक्त तहसीलदार न्यायालय द्वारा निर्माण कार्य पर स्थगन आदेश दिया हुआ है। कलेक्टर से की गई शिकायत में वृद्ध ऋषि कुमार यादव ने बताया कि मेरे पुत्र का निधन हो चुका है। परिवार में मेरी पत्नी ही हैं। जिसके कारण मैं अपनी संपत्ति की रक्षा करने में अत्यंत कठिनाई का सामना कर रहा हूं। इस लाचारी और बुढ़ापे का फायदा उठाकर क्षेत्र के कुछ रसूखदार लोगों के संरक्षण में मेरे जीवन का एकमात्र साधन मेरी भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। जबकि कलेक्टर की जनसुनवाई में गुहार लगाने के बाद एसडीएम, तहसीलदार को कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। मामला यह है कि बुजुर्ग ऋषि कुमार और उसके बड़े भाई गेंदालाल के नाम पर नर्मदापुरम नगर स्थित नजूल सीट क्रमांक 37 प्लॉट क्रमांक 10/ 2 एवं 11/ 2 रकबा 1835 वर्गफुट दर्ज है। पीड़ित बुजुर्ग का आरोप है कि उनकी भूमि पर गणपत यादव और सौरभ यादव द्वारा बलपूर्वक अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण किया जा रहा है, जो शासकीय सेवक भी है। वहीं पीड़ित बुजुर्ग ने गुहार लगाई है कि यदि न्यायालय द्वारा पारित स्थगन आदेश के बाद भी अवैध निर्माण जारी रहता है और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है तो आम नागरिकों का कानून और प्रशासन से विश्वास समाप्त हो जाएगा? बड़ा सवाल यह भी है कि क्या राजस्व अधिकारी बुजुर्ग दंपत्ति को न्याय दिला पाएंगे? क्या बुजुर्ग की जमीन पर हुए अवैध कब्जे को हटाया जाएगा ? या रसूखदार माफिया संरक्षण का खेल नगर में जारी रहेगा? पर सवाल है। राजीव अग्रवाल, १५ जून २०२६