- आम जनता ऑनलाइन भी दे सकेगी विवरण - राज्य जनगणना नोडल अधिकारी ने दी जानकारी तिरुवनंतपुरम (ईएमएस)। भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना 2027 के मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) चरण की शुरुआत केरल में 1 जुलाई से होने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव और राज्य जनगणना नोडल अधिकारी के. बीजू ने यह जानकारी साझा की है। तय कार्यक्रम के अनुसार, 1 जुलाई से 30 जुलाई तक पूरे केरल में मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का काम युद्ध स्तर पर चलाया जाएगा। इसके बाद, फरवरी 2027 में वास्तविक जनसंख्या गणना (पॉपुलेशन एन्यूमरेशन) का काम शुरू होगा। इस बार की जनगणना के लिए कुल 33 प्रश्न अधिसूचित किए गए हैं। राज्य सरकार ने पहले ही 7 मई को एक अधिसूचना जारी कर जनता से सटीक और स्पष्ट जानकारी देकर इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करने की अपील की है। इस डिजिटल जनगणना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आम जनता सेंसस सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल (जनगणना स्व-गणना पोर्टल) के माध्यम से सीधे अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन जमा कर सकती है। इसके लिए मंगलवार से 15 दिनों की सेल्फ-एन्यूमरेशन अवधि शुरू हो रही है। नागरिकों द्वारा ऑनलाइन सबमिट की गई इस जानकारी का सत्यापन (वेरिफिकेशन) बाद में प्रगणकों (एन्यूमरेटर्स) द्वारा जमीनी दौरे (फील्ड विजिट) के दौरान किया जाएगा। इस महाअभियान के तहत डेटा जुटाने के लिए शिक्षकों और अन्य सरकारी कर्मचारियों को प्रगणक (एन्यूमरेटर्स) के रूप में तैनात किया गया है, जिनकी निगरानी के लिए लगभग 10,189 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। एक विशेष वेब-मैपिंग एप्लिकेशन के जरिए चिन्हित किए गए हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक्स के आधार पर यह कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। इसके लिए प्रगणक एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे। इस पूरी जनगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली वेब पोर्टल के जरिए राज्य स्तर पर इसकी निगरानी और समन्वय किया जाएगा। रामयश/ईएमएस 16 जून 2026