- इंडिया गठबंधन की सीएम आवास पर बैठक - दो सीटों पर तीन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला दिलचस्प रांची (ईएमएस)। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून को होने वाले मतदान को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। क्रॉस वोटिंग और जोड़-तोड़ की आशंकाओं के बीच एनडीए और सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए किलेबंदी शुरू कर दी है। चुनाव में किसी भी तरह की सेंधमारी को रोकने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। मतदान से पहले एनडीए अपने सभी 24 विधायकों को रांची के होटल रेडिसन ब्लू में ठहराने की तैयारी कर रहा है। जानकारी के मुताबिक, होटल में 32 कमरे बुक किए गए हैं, जहां सभी विधायकों को सख्त निगरानी में रखा जाएगा। एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और अहमदाबाद के उद्योगपति परिमल नाथवानी भी इसी होटल में ठहरे हुए हैं। तय योजना के अनुसार, मतदान के दिन सभी विधायकों और नाथवानी को बसों के जरिए सीधे विधानसभा ले जाया जाएगा। यह चुनाव जेएमएम संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन से खाली हुई सीट और भाजपा नेता दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है। इन दो सीटों के लिए मैदान में तीन उम्मीदवार हैं। सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन की ओर से झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने पर्चा भरकर मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है। राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बैजनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन ने भी अपनी रणनीति तेज कर दी है। गठबंधन के सभी विधायक और प्रमुख नेता 16 और 17 जून को मुख्यमंत्री आवास पर जुटेंगे। इस बैठक के दौरान विधायकों को मतदान प्रक्रिया की बारीकियां समझाने के साथ-साथ मॉक पोल (नकली मतदान) कराया जाएगा, ताकि वोटिंग के दिन किसी भी तकनीकी गलती से बचा जा सके। मतदान के दिन सभी विधायक पहले मुख्यमंत्री आवास पर एकत्र होंगे और फिर वहां से एक साथ विधानसभा के लिए रवाना होंगे। गठबंधन के नेता मनोज पांडे ने एकजुटता का दावा करते हुए कहा कि उनके विधायकों को खरीदा नहीं जा सकता। परिमल नाथवानी और मुख्यमंत्री की हालिया मुलाकात पर उन्होंने कहा कि नाथवानी एक बड़े औद्योगिक घराने से हैं और शिष्टाचारवश या समर्थन मांगने के लिए मुख्यमंत्री से मिलना कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल है। इस बीच, विपक्षी नेताओं ने पटना में तेजस्वी यादव से भी मुलाकात कर रणनीति पर चर्चा की है। इस चुनाव में एक उम्मीदवार की जीत के लिए करीब 28 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत है। मौजूदा संख्या बल के हिसाब से इंडिया गठबंधन (झामुमो, कांग्रेस और राजद) दोनों सीटें जीतने की मजबूत स्थिति में है। वहीं, भाजपा के पास केवल अपने 24 वोट हैं। ऐसे में एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी को जीत का आंकड़ा छूने के लिए कम से कम 4 अतिरिक्त प्रथम वरीयता वोटों की दरकार होगी। यही 4 वोटों की कमी (शॉर्टफॉल) इस चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) की आशंकाओं को जन्म दे रही है। परिमल नाथवानी द्वारा ‘अंतरात्मा की आवाज’ पर वोट देने की अपील और ‘सोरेन परिवार’ से पुराने रिश्तों का हवाला देना, सत्तापक्ष के खेमे में सेंध लगाने की इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। रामयश/ईएमएस 16 जून 2026