क्षेत्रीय
16-Jun-2026
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इन्दौर (ईएमएस) आधुनिक एवं भावी युद्धकला में विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के बढ़ते महत्व तथा बहुआयामी सैन्य अभियानों के एक महत्वपूर्ण सक्षमकर्ता के रूप में इसकी भूमिका पर व्यावसायिक विमर्श को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम संचालन बहु-आयामी सैन्य अभियानों में प्रभुत्व विषय पर एक तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एमसीटीई) महू द्वारा किया गया। संगोष्ठी में एमसीटीई में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना एवं भारतीय वायु सेना के अधिकारियों के साथ-साथ संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगोष्ठी ने स्पेक्ट्रम पर श्रेष्ठता प्राप्त करने, सैन्य अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ाने तथा विभिन्न परिचालन क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए विचारों और अनुभवों के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच प्रदान किया। संगोष्ठी के अंतर्गत दो तकनीकी सत्रों एवं एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इनमें विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम संचालन के विभिन्न आयामों, जैसे स्पेक्ट्रम श्रेष्ठता, विभिन्न सैन्य क्षेत्रों के बीच समन्वय, परिचालन चुनौतियां तथा भविष्य की क्षमताओं के विकास पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि आधुनिक सैन्य अभियानों में विद्युत चुंबकीय मोड में ईएमएस का प्रभुत्व स्पेक्ट्रम एक निर्णायक कारक बनकर उभर रहा है तथा बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए नई क्षमताओं का निरंतर विकास आवश्यक है। कार्यक्रम के एक महत्वपूर्ण भाग के रूप में आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम क्षेत्र में उपलब्ध समकालीन क्षमताओं तथा चल रहे तकनीकी विकास की जानकारी प्राप्त हुई। प्रदर्शनी ने प्रतिभागियों को चुनौतीपूर्ण सैन्य परिस्थितियों में उपयोगी तकनीकों की बेहतर समझ प्रदान की।