राज्य
16-Jun-2026


रि-डेवलपमेंट प्लान कार्य शुरू किए जाने की मांग की देहरादून (ईएमएस)। इंदिरा मार्केट रि-डेवलपमेंट प्लान के ठप्प पडे़ कार्य को पुनः शुरू करवाने एमडीडीए व सामक कम्पनी की वादाखिलाफी व सरकार के वायदे को पूरा करने के लिए आज रि-डेवलपमेंट प्लान से जुडे प्रभावितों ने कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक खजानदास से भेंटकर कार्य को शुरू किए जाने की मांग की है। इस अवसर पर प्रभावित अनंत आकाश ने मंत्री खजानदास को बताया कि सरकार की घोषणा के बावजूद प्रभावितों से एमडीडीए व सामक कम्पनी ने वायदा खिलाफी की शिकायत की है जिससे कई लोगों रोजगार पूरी तरह से ठप पडा हुआ है। उन्होंने जल्द से जल्द परियोजना का कार्य पुनः शुरू करवाने की मांग मंत्री खजान दास से की है इस दौरान उन्होंने जल्द कार्य शुरू करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि दून के घंटाघर से सटी राजपुर रोड पर स्थित इंदिरा मार्केट, शहर के सबसे पुराने और व्यस्ततम व्यापारिक केंद्रों में से एक है। लेखराज ने कहा है कि यह जगह हमेशा से अपनी संकरी गलियों, भीड़-भाड़ और अव्यवस्थित पार्किंग के लिए चर्चित रही है। उन्होंने कहा कि 2016 पुनः वर्ष 2022 में इस बदहाल बाजार के पुनर्विकास की आधारशिला वर्तमान मुख्यमंत्री ने रखी गई थी। उन्होंने कहा कि योजना के अनुसार पुरानी दुकानों को तोड़कर यहां एक आधुनिक मल्टीलेवल कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है, मगर परियोजना शुरू से लेकर अब तक अब तक विवादों में रही है। उन्होंने कहा कि यह पुनर्विकास योजना सालों 2016 में कांग्रेस सरकार के शासनकाल में शुरू हुई, किंतु प्रशासनिक सुस्ती, कार्यदायी संस्था सामक की भारी लापरवाही और सत्ता परिवर्तन के कारण यह लंबे अरसे तक अधर में लटकी रही। दिसंबर 2022 में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 242 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास की शुरुआत का ऐलान किया, लेकिन प्रोजेक्ट की लागत धीरे-धीरे बढ़कर करीब 450 करोड़ रुपये हो गई है, जो पहले से ही बोझिल प्रशासनिक ढांचे पर आर्थिक दबाव का संकेत है। सुरेंद्र गुप्ता ने कहा है कि इस सबके विपरीत एमडीडीए का दावा है कि मार्च 2028 तक परियोजना पूरी हो जाएगी, लेकिन वर्तमान तस्वीर इसके विपरीत मौके काम ठप्प है और सन्नाटा पसरा हुआ है। तीन साल बीत जाने के बाद भी इस परियोजना कुल तीन महीने ही मुश्किल काम हो पाया है। निर्माणाधीन स्थल पर महज तीन से चार श्रमिक नजर आते रहे हैं, जबकि यहां कम से कम 100 से 200 मजदूरों का होना आवश्यक है। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/16 जून 2026