राज्य
16-Jun-2026


भेापाल (ईएमएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल ज़ोनल ऑफिस ने मेसर्स जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (जेजीएफपीएल) और अन्य से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की चल रही जांच के तहत, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत लगभग 3 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। अटैच की गई संपत्तियों में सुनील कुमार त्रिपाठी, उनके परिवार के सदस्यों और उनके द्वारा नियंत्रित संस्थाओं के नाम पर मौजूद एक रिहायशी घर, प्लॉट और बैंक बैलेंस शामिल हैं। ईडी ने मेसर्स जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े डायरेक्टरों, अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत हबीबगंज पुलिस स्टेशन, भोपाल और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू), भोपाल में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। पीएमएलए के तहत जांच से पता चला कि मेसर्स जेजीएफपीएल एक्सपोर्ट क्लीयरेंस पाने के लिए जाली लेबोरेटरी रिपोर्टÓ का इस्तेमाल करके मिलावटी डेयरी उत्पादों के निर्माण और निर्यातÓ में शामिल थी। मेसर्स जेजीएफपीएल के तत्कालीन सीईआ सुनील कुमार त्रिपाठी ने दूसरों के साथ मिलकर ऐसी जाली रिपोर्ट तैयार करने और उनके इस्तेमाल में अहम भूमिका निभाई थी। इन जाली रिपोर्ट का इस्तेमाल बाद में हेल्थ सर्टिफिकेट पाने के लिए किया गया, जिनके आधार पर निर्यात किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि सुनील कुमार त्रिपाठी मेसर्स जेजीएफपीएल के स्टॉक से डेयरी उत्पादों के डायवर्जन और हेराफेरी में शामिल थे। डायवर्ट किए गए उत्पादों को उनके द्वारा नियंत्रित संस्थाओं - जैसे मेसर्स सियाजीत एक्सपोर्ट्स, मेसर्स सुगम फूड्स और अन्य - के माध्यम से फर्जी इनवॉइस और बिल का इस्तेमाल करके बेचा गया। ऐसी बिक्री से हुई कमाई को कई संस्थाओं के माध्यम से घुमाया गया और फर्जी ट्रांज़ैक्शन के ज़रिए असंबंधित संस्थाओं की एक चेन के माध्यम से लेयरिंग की गई ताकि उनके स्रोत को छिपाया जा सके। इससे पहले, ईडी ने मेसर्स जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर किशन मोदी को गिरफ्तार किया था। पीएमएलए , 2002 के प्रावधानों के तहत, कंपनी और उसके पूर्व सीईआ सुनील कुमार त्रिपाठी के ख़िला$फ कार्रवाई की गई है। दोनों आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं और विशेष अदालत (पीएमएलए ) में अभियोजन पक्ष की शिकायत पहले ही दायर की जा चुकी है। मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से जुड़ी अन्य संस्थाओं और व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाने, मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन का रास्ता) का पता लगाने और अपराध से हुई अतिरिक्त कमाई का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है। आशीष पाराशर/ईएमएस/16/06/2026