16-Jun-2026


* भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के 12 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, निगम ने खतरनाक इमारतों की पहचान की अहमदाबाद (ईएमएस)| शहर में आषाढ़ी बीज के अवसर पर निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु रथयात्रा मार्ग पर खड़े होकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के लिए उत्साहित हैं। इसी बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने रथयात्रा मार्ग पर स्थित जर्जर और खतरनाक इमारतों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम ने रथयात्रा मार्ग पर मौजूद 372 खतरनाक और जर्जर मकानों की पहचान कर उन्हें मरम्मत कराने या हटाने के लिए नोटिस जारी किए हैं। डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर रम्या कुमार भट्ट ने बताया कि रथयात्रा का लगभग 12 किलोमीटर लंबा मार्ग मध्य क्षेत्र (सेंट्रल ज़ोन) से होकर गुजरता है। इस मार्ग पर कुल 4675 मकान स्थित हैं। इनमें से 523 मकानों को खतरनाक श्रेणी में चिन्हित कर पहले भी नोटिस दिए गए थे और कई भवनों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस वर्ष विशेष रूप से 372 भवनों को अत्यधिक जोखिमपूर्ण मानते हुए उनके मालिकों को आवश्यक मरम्मत या ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए गए हैं। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा जमालपुर से निकलकर पुराने शहर के कोट क्षेत्र से गुजरते हुए शहर के मध्य भागों से होकर सरसपुर पहुंचती है। निगम के सर्वे में पाया गया कि पुराने शहर के कई मकान समय के साथ काफी जर्जर हो चुके हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के दौरान दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। नगर निगम का कहना है कि रथयात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि से बचने के लिए पहले से ही एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। खतरनाक भवनों को समय रहते सुरक्षित बनवाने या हटाने की कार्रवाई इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। रथयात्रा अहमदाबाद की सबसे बड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में से एक है। ऐसे में प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि लाखों श्रद्धालु बिना किसी जोखिम के भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सकें और यह ऐतिहासिक यात्रा सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संपन्न हो। सतीश/16 जून