16-Jun-2026


भेापाल (ईएमएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल ज़ोनल ऑफिस ने मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में अपर डिवीज़न क्लर्क, हीरो केसवानी के मामले में,10.06.2026 को प्रिवेंशन ऑ$फ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए के तहत लगभग 1.47 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से ज़ब्त (अटैच) किया है। ईडी ने ईओडब्ल्यू,, भोपाल द्वारा प्रिवेंशन ऑ$फ करप्शन एक्ट, के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि 01.01.2005 से 03.08.2022 के दौरान, केसवानी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति (लगभग 1.47 करोड़ रुपये) जमा की, जो उनकी वैध आय का लगभग 286.27 थी। ईओ डब्ल्यू, भोपाल द्वारा की गई तलाशी के दौरान उनके घर से 86.73 लाख रुपये नकद बरामद किए गए, जिसके बारे में वे संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाए। आगे की जांच में पता चला कि अपराध से हुई कमाई को उनकी पत्नी के नाम पर घुमाया और निवेश किया गया था, जिनकी आय का कोई विश्वसनीय या सत्यापित स्वतंत्र स्रोत नहीं था। घरेलू गतिविधियों से आय के दावों का कोई दस्तावेज़ी सबूत नहीं मिला। बैंक खातों के विश्लेषण से पता चला कि अनियमित नकद जमा और लेनदेन किए गए थे जो ज्ञात आय से मेल नहीं खाते थे, जिससे पता चलता है कि अपराध से हुई कमाई को वैध दिखाने के लिए लेयरिंग की गई थी। आरोपी अपने विभाग को संपत्ति और आय का विवरण बताने में भी विफल रहा और परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्ति खरीदकर मालिकाना हक छिपाने की कोशिश की। ज़ब्त की गई संपत्तियों में अचल संपत्ति, बैंक बैलेंस और नकद शामिल हैं, जो अपराध से हुई कमाई पाई गई हैं। यह ज़ब्ती ऐसी संपत्तियों को छिपाने या खत्म करने से रोकने के लिए की गई है। आशीष पाराशर/ईएमएस/16/06/2026