मसूरी (ईएमएस)। पिछले दो माह से शहीद स्थल झूला घर पर धरना प्रदर्शन कर रहे पटरी व्यापारियों ने आज कोतवाली पहुंचकर अधिशासी अधिकारी के खिलाफ सामान जब्त करने को लेकर प्राथमिकी की दर्ज करने की मांग की। इस दौरान पटरी व्यापारियों द्वारा नगर पालिका और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। पटरी व्यापारियों का आरोप है कि पूर्व में जब वह मालरोड पर पटरी व्यवसाय करते थे तो अपना सामान घर ले जाने की बजाय कसमन्डा रोड पर एकत्रित कर देते थे और सुबह फिर माल रोड पर अपना व्यवसाय शुरू कर देते थे नगर पालिका द्वारा माल रोड से पटरी व्यापारियों को हटा दिया गया। कुछ दिनों पूर्व नगर पालिका द्वारा उनका सामान जब्त कर लिया गया, जिसकी उन्हें सूचना भी नहीं दी गई है। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन का कहना है कि 2014 2016 की नियमावली के अनुसार नगर पालिका द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर अपना सामान रख कर चले जाने के बाद उसको हटाने की कार्रवाई नगर पालिका द्वारा की जाती है इसके साथ ही माल रोड से हटाए गए पटरी व्यापारियों को अन्य स्थानों पर विस्थापित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जो लोग पात्र हैं उन्हें नगर पालिका द्वारा पंजीकृत किया जाता है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राणा ने बताया कि माल रोड पर स्थानीय लोगों द्वारा पटरी व्यापार कर अपना भरन पोषण किया जाता था और अपना सामान एक स्थान पर रख दिया जाता था। लेकिन नगर पालिका द्वारा उनका सामान जब्त कर दिया गया है जिसको लेकर पिछले दो माह से पुलिस में शिकायत दर्ज करने को लेकर चक्कर काट रहे हैं लेकिन अब तक उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई है। पटरी व्यापारी संजय टम्टा ने कहा कि नगर पालिका द्वारा पटरी व्यापारियों का सामान जप्त कर लिया गया, जबकि पूर्व में उन्हें किसी भी प्रकार की सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि पटरी व्यापारी बक्से में सामान रखकर अपने घर चले जाते थे और उसके बाद सुबह आकर बक्से निकाल कर माल रोड पर अपना व्यवसाय करते थे। उन्होंने कहा कि यदि पटरी व्यापारियों का सामान वापस नहीं किया गया तो न्यायालय की शरण ली जाएगी। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/16 जून 2026