क्षेत्रीय
01-Aug-2025
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- शारिक मछली पर कस सकता है, पुलिस का शिकंजा - शारिक और उसके परिजनों के नाम पर बने एक दर्जन शस्त्र लाइसेंस होगें निरस्त - भाजपा से इस्तीफ़ा देने के बाद शहरयार हुआ अंडरग्राउंड भोपाल(ईएमएस)। राजधानी भोपाल में ड्रग्स तस्करी, आर्म्स तस्करी, सरकारी जमीनों पर कब्जे सहित युवतियों के साथ दुष्कर्म, विधानसभा का फर्जी तरीके से प्रवेश पास बनवाने में घिरे मछली परिवार पर जिला प्रशासन का शिंकजा लगातार कसता जा रहा है। सूत्रो के अनुसार अब मछली परिवार का क्रिकेट टूर्नामेंट पर सट्टा कनेक्शन सामने आ रहा है। सूत्रो की मानी जाये तो भोपाल में होने वाले अंर्तराज्यीय क्रिकेट टूर्नामेंट में दोनों भाई शारिक और तारीक मछली अपनी अलग-अलग टीमें खेलने के लिए ग्राउंड में भेजते थे। और उनके गुर्गे लोकल टीमों की जीत हार का सट्टा गुपचुप तरीके से लगवाते थे। सूत्र बताते है की भोपाल क्रिकेट में जितने भी टूर्नामेंट खेले गए हैं उसमें से 90 प्रतिशत टूर्नामेंट तारीक और शारिक की टीमो ने ही जीते हैं। सूत्रो का दावा है कि टीमो की हार-जीत सट्टे से ही तय होती थी इस खेल के तार शहर से बाहर तक के सटोरियों से जुड़ा हुआ था। इस मामले में जेल में बंद यासीन के खास एक गुर्गे का नाम भी सामने आया है, जो पुराने शहर से क्रिकेट सट्टे का संचालन करता था, पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। इधर मामले के लगातार तूल पकड़ने के बाद शारिक के भाई शहरयार अहमद से भाजपा ने इस्तीफ़ा ले लिया है, शहरयार भी इस्तीफ़ा देने के बाद भुमिगत हो गया है। गौरतलब है की बीते समय भोपाल में हुए लव जिहाद कांड में भी शारिक मछली पर कई गंभीर आरोप लगे थे। ड्रग्स मामले को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही पुलिस और प्रशासन लगातार कार्यवाही कर रही है। इसी कड़ी में शारिक मछली सहित उनके परिजनों के नाम पर बने एक दर्जन शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। भोपाल पुलिस की अनुशंसा पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मछली परिवार के नाम पर जारी किए गए शस्त्र लाइसेंसों की जानकारी तलब की है। बताया जा रहा है कि मछली परिवार के सदस्यों के नाम पर पिस्टल, रिवाल्वर, 12 बोर सहित सभी शस्त्र लाइसेंस बीते सालों में जारी किए गए थे। जुनेद / 1अगस्त