खेल
03-Aug-2025
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नई दिल्ली (ईएमएस)। मनोलो मार्केज की जगह पर भारतीय फुटबॉल टीम के नये कोच बने पूर्व फुटबॉलर खालिद जमील की राह आसान नहीं है। उनकी पहली परीक्षा नेशंप कप फुटबॉल में होगी। जिसमें भारतीय फुटबॉल टीम के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी। पिछले कुछ समय में कोई भी कोच टिक नहीं पाया है। मार्केज ने भारतीय टीम के खराब प्रदर्शन के बाद अचानक ही अपना पद छोड़ दिया था। खालिद अभी इंडियन सुपर लीग की टीम जमशेदपुर एफसी के मैनेजर हैं। नये कोच के लिए सबसे बड़ी परीक्षा नेशंस कप है। जिसमें वह चाहेंगे कि टीम अच्छा प्रदर्शन करे। पिछले कुछ समय में टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और लंबे समय तक किसी एक कोच के नहीं होने से भी टीम को नुकसान हुआ है। अब देखना है कि खालिद इस कमी को कैसे पूरा करते हैं। खालिद की साल 2017 में आइजॉल फुटबॉल क्लब को आई-लीग खिताब जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका रही भी। उनका चयन अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ की कार्यकारी समिति ने किया है। इस पद के लिए अन्य दो दावेदार पूर्व मुख्य कोच स्टीफन कॉन्स्टेंटाइन और स्टीफन टारकोविक थे। टारकोविक स्लोवाकिया की राष्ट्रीय टीम के कोच थे। दिग्गज स्ट्राइकर आईएम विजयन की अध्यक्षता वाली एआईएफएफ की तकनीकी समिति ने कार्यकारी समिति के अंतिम फैसले के लिए तीन उम्मीदवारों को चुना था। राष्ट्रीय पुरुष टीम के मुख्य कोच के रूप में सेवा देने वाले अंतिम भारतीय सावियो मेडेइरा थे, जिन्होंने 2011 से 2012 तक ये पद संभाला था। उसके बाद अब जमील को ये जिम्मेदारी दी गयी है। वहीं बीच के दौर में सभी विदेशी कोच रहे थे। गिरजा/ईएमएस 03 अगस्त 2025