राज्य
05-Aug-2025
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भोपाल(ईएमएस)। राज्य विधानसभा में मानसून सत्र के आज 7वें दिन राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने विधानसभा जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री 15-15 करोड़ विधायकों को विकास कार्यों के लिए दे रहे हैं तो हम लोगों को भी मिलना चाहिए। इस तरह का दो तरह का रवैया नहीं चलेगा। दरअसल, खनिज विभाग के फंड को लेकर हंगामे की स्थिति बनी। घोड़ाडोंगरी से बीजेपी विधायक गंगा सज्जन सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र में 15 करोड़ रुपए से काम करने का मामला उठाया। इस पर कुछ विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति उठाते हुए कहा कि ये 15 करोड़ की राशि विपक्षी सदस्यों को नहीं मिली। ये सौतेला रवैया नहीं चलने देंगे। कांग्रेस विधायक महेश परमार और ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि हम लोग भी चुनकर आए हैं। हमें ये 15 करोड़ क्यों नहीं मिले। इस पर दूसरे सदस्यों ने भी उनका समर्थन किया और हंगामा शुरु हो गया। प्रश्नकाल के दौरान हुए इस शोर शराबे को देखते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मामले को शांत करने कोशिश करते हुए कहा कि ये आदिवासियों को भोलपन है इस पर राजनीति नहीं होना चाहिए। कांग्रेस विधायक बालाबच्चन ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस भोलेपन के कारण ही भाजपा आदिवासियों का फायदा उठा रही है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि भाजपा की सरकार आदिवासियों की झोपड़ी तक पहुंचकर काम कर रही है उनके कल्याण के लिए काम हो रहा है विपक्षी सदस्यों को हजम नहीं हो रहा है। विधायक गंगा उइके के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि 1 करोड़ 51 लाख रुपए घोड़ाडोंगरी के लिए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं भाजपा के वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने सवाल करते हुए कहा कि खनिज मद से कार्य किए जाने संबंधी कोई प्रावधान नहीं है तो क्या डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड से राशि देने पर रोक लगा दी गई है? इसके जवाब में मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा- डीएमएफ राशि जिले में अलग से खर्च की जाती है। रॉयल्टी की राशि राज्य स्तर पर आती है और राज्य के अंदर बजट के प्रावधान के अनुसार उसका वितरण होता है। वीरेंद्र/ईएमएस/05अगस्त2025 -----------------------------------