खेल
08-Aug-2025
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सिडनी (ईएमएस)। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल ने भारत के खिलाफ सीरीज में इंग्लैंड के अति आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने की रणनीति को गलत बताया है। चैपल ने कहा कि सकारात्मक क्रिकेट खेलने का अर्थ ये नहीं है कि आप लापरवाही से खेलें। बल्कि सकारात्मक होने का मतलब है आत्मविश्वास से भरे होने के साथ ही सोच-समझकर जोखिम उठाया जाये। वहीं इंग्लैंड के खिलाड़ियों का मानना है कि आक्रामक बल्लेबाजी से मैच के परिणाम निकलते हैं क्योंकि वह ड्रॉ के लिए नहीं खेलते हैं। चैपल ने युवा भारतीय टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उसने हालातों के अनुसार खेला और उसके बल्लेबाजों ने नियंत्रित रुप में आक्रामक किेये। दूसरी ओर इंग्लैंड के खिलाड़ियों, विशेषकर हैरी ब्रुक की आलोचना करते हुए चैपल ने कहा कि वह हालातों को समझे बिना ही खेलते दिखे। साथ ही कहा, ‘इस सीरीज में इंग्लैंड का सफर उसके सामने चेतावनी भी पेश करता है। इसे प्रतिभाशाली पर चंचल प्रकृति के ब्रुक ने साकार किया जिसकी में सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करता रहा हू। उन्होंने कहा, ‘हैरी की टाइमिंग बहुत अच्छी है। वह कई तरह के शॉट लगा सकते हैं। उनमें आत्मविश्वास भरा हुआ है और बल्लेबाजी को सहज बनाने का कौशल भी है पर उनको समझना चाहिये कि क्रिकेट, विशेष रूप से टेस्ट क्रिकेट, केवल शॉट लगाने के बारे में नहीं है। यह फैसले लेने के बारे में भी है। टेस्ट क्रिकेट में यह समझना जरूरी होता है कि कब आक्रामक होकर खेलना है और कब संयम रखना ठीक रहेगा। पांचवें टेस्ट के चौथे दिन इंग्लैंड की टीम ने एक समय 374 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए तीन विकेट पर 301 रन बना लिए थे पर हैरी के बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट होने के बाद टीम संभल नहीं पायी और मुकाबला उसके हाथ से निकल गया। चैपल ने कहा, ‘सकारात्मकता में कुछ भी ग़लत नहीं है। लेकिन सकारात्मक क्रिकेट का मतलब लापरवाह क्रिकेट नहीं है। गिरजा/ईएमएस 08अगस्त 2025