ज़रा हटके
08-Aug-2025
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लंदन (ईएमएस)। मल्टीपल स्क्लेरोसिस (एमएस) जैसी जटिल न्यूरोलॉजिकल बीमारी शरीर में लक्षण दिखाई देने से करीब एक दशक पहले ही विकसित हो सकती है। यह चौकाने वाला खुलासा किया है कनाडा के वैज्ञानिकों ने। रिसर्च के अनुसार, एमएस का प्रारंभिक रूप में पता लगाना कठिन है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण—थकान, सिरदर्द, मानसिक तनाव, शरीर में दर्द कई सामान्य बीमारियों से मिलते-जुलते हैं और अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। इस अध्ययन में ब्रिटिश कोलंबिया के 12,000 से ज्यादा लोगों के हेल्थ रिकॉर्ड्स की जांच की गई, जिसमें यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिन मरीजों को बाद में एमएस हुआ, उनके लक्षण औसतन 15 साल पहले ही शुरू हो चुके थे। डॉ. ट्रेमलेट की टीम ने पिछले 25 वर्षों में फिजिशियन के पास गए मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री का विश्लेषण किया और पाया कि एमएस से पीड़ित लोगों ने न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करने से पहले ही कई बार मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामान्य चिकित्सकों से परामर्श लिया था। शोध में सामने आया कि एमएस की शुरुआत में मरीजों को थकावट, चक्कर, पीठ दर्द और डिप्रेशन जैसी समस्याएं होती हैं। रोग के निदान से 12 साल पहले तक वे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से अधिक मिलने लगे थे। आंखों की समस्याएं जैसे धुंधला दिखना या दर्द, आठ से नौ साल बाद दिखाई दीं, जिनके लिए वे नेत्र चिकित्सक से मिले। बीमारी के पता लगने से तीन से पांच साल पहले तक वे बार-बार इमरजेंसी और रेडियोलॉजी विभागों में गए। इसके एक साल पहले तक वे अलग-अलग डॉक्टरों से अलग-अलग समस्याओं के लिए परामर्श ले रहे थे। हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया कि ऐसे सामान्य लक्षणों वाले अधिकतर लोगों को एमएस नहीं होता। सुदामा/ईएमएस 08 अगस्त 2025