नई दिल्ली (ईएमएस)। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान दोनों इस बात की पुष्टि करते हैं कि जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन शरीर में कई तरह के असंतुलन पैदा कर सकता है, जिनमें मोटापा भी शामिल है। आयुर्वेदिक ग्रंथ चरक संहिता के अनुसार, अत्यधिक नमक का सेवन पित्त और कफ दोष को बढ़ाता है, जिससे शरीर में सूजन, जल संचय और वज़न वृद्धि हो सकती है। इसमें स्पष्ट लिखा गया है: लवणं दोषकरं तिक्तं तृष्णाकरं बलापहम्* यानी नमक अधिक लेने से शरीर में असंतुलन होता है, प्यास अधिक लगती है, और बल यानी ताकत भी प्रभावित होती है। जब शरीर में पानी का संचित होना शुरू होता है तो चेहरे, आंखों या पैरों में सूजन और भारीपन महसूस होना आम बात हो जाती है। यह सूजन धीरे-धीरे मोटापे का रूप ले सकती है। आधुनिक विज्ञान भी इस बात को प्रमाणित करता है। एक रिसर्च के अनुसार, ज्यादा नमक खाने से शरीर में वॉटर रिटेंशन बढ़ जाता है यानी शरीर अनावश्यक रूप से पानी रोकने लगता है। इससे न सिर्फ वज़न तेजी से बढ़ता है बल्कि इंसुलिन रेसिस्टेंस, ब्लड प्रेशर और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर भी बढ़ने लगता है। यही हार्मोनल असंतुलन आपकी भूख को बढ़ाता है और बार-बार खाने की इच्छा उत्पन्न करता है, जिससे पेट के आसपास चर्बी जमना शुरू हो जाती है। अगर आपको सुबह-सुबह चेहरे पर सूजन, आंखों के नीचे फुलाव, अंगुलियों या पैरों में भारीपन, या अचानक वज़न बढ़ने जैसे लक्षण दिखें तो यह संकेत हो सकता है कि आप जरूरत से ज्यादा नमक खा रहे हैं। इसका उपाय क्या है? सबसे पहला कदम है सामान्य सफेद नमक की जगह सेंधा नमक का प्रयोग करना। सेंधा नमक पाचन को सुधारता है, सूजन कम करता है और आयुर्वेद के अनुसार, यह सात्विक और संतुलित लवण माना जाता है। दूसरा आसान उपाय है रात को सोने से पहले त्रिफला चूर्ण को गुनगुने पानी में मिलाकर पीना। यह शरीर में जमा अतिरिक्त जल और विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक होता है। सुदामा/ईएमएस 08 अगस्त 2025