वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ बढ़ाए जाने के मामले में यूएस के विशेषज्ञों का स्पष्ट मत है कि ये अमेरिका के हित में नहीं है। इसके बाद भी जिद पर अड़े राष्ट्रपति के तेवर कम नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कह दिया कि अब भारत के साथ किसी भी तरह की व्यापारिक डील पर बात नहीं होगी। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूएस के एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि भारत पर लगातार टैरिफ बढ़ाना अमेरिका के हित में नहीं है। बुधवार को ट्रंप ने एक नया आदेश जारी कर भारतीय सामानों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ थोप दिया, जिससे कुल टैक्स अब 50 प्रतिशत हो गया है। ट्रंप से वॉशिंगटन में ओवल ऑफिस में जब एक पत्रकार ने पूछा कि 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद क्या बातचीत शुरू होगी, तो उन्होंने कहा- नहीं, पहले मसला (टैरिफ) सुलझे, फिर बात होगी। बता दें कि भारत लंबे समय से अपने कृषि और डेयरी सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से बचाता रहा है, क्योंकि इनसे करोड़ों किसानों की आजीविका जुड़ी है। ट्रंप भारत पर दबाव बनाना चाहते हैं ताकि वह इन सेक्टर्स को खोल दे, लेकिन भारत अपने किसानों के हक में अड़ा हुआ है। यह टकराव अब दोनों देशों के बीच व्यापारिक जंग को और गहरा कर रहा है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि भारत का रूस से तेल खरीदना, चाहे सीधे हो या बिचौलियों के जरिए, अमेरिका के लिए खतरा है। इसलिए उन्होंने आपातकालीन आर्थिक कदम उठाए। लेकिन भारत ने भी पलटवार किया। भारत में पीएम मोदी ने जोश भरे अंदाज में कहा, ‘हमारे लिए किसानों का हित सबसे ऊपर है। भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी वालों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा। मुझे पता है, इसके लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है, लेकिन मैं तैयार हूँ, भारत तैयार है! अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, पहला 25 प्रतिशत टैरिफ 7 अगस्त से लागू हो चुका है, और नया 25 प्रतिशत टैरिफ 21 दिन बाद यानी 27 अगस्त 2025 से शुरू होगा। यह टैक्स अमेरिका में आने वाले ज्यादातर भारतीय सामानों पर लागू होगा, सिवाय उन सामानों के जो पहले से रास्ते में हैं या कुछ खास छूट वाली कैटेगरी में आते हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर भू-राजनीतिक हालात बदलते हैं या भारत कोई जवाबी कार्रवाई करता है, तो ट्रंप इस टैरिफ को बदल सकते हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/08अगस्त2025