लेख
30-Aug-2025
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इजरायल की सेना ने गाजा के सबसे बड़े शहर गाजा सिटी को युद्ध क्षेत्र में बदल दिया है। इजरायली सेना ने यहां पर मानवीय मदद पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी है। गाजा शहर में रहने वाले हजारों नागरिकों को पिछले कई महीनो से भोजन नहीं मिल पा रहा है। हजारों लोगों की पहले ही मौत हो चुकी है। यहां के नागरिकों को पानी भी नहीं मिल रहा है। भोजन और पानी के अभाव में बूढे, बच्चे, महिलाओं ने हजारों की संख्या में दम तोडा है। अब इजराइल ने गाजा सिटी को ही युद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया है। इजरायल की सेना लगातार फिलिस्तीनी नागरिकों के ऊपर कहर ढा रही है। अभी तक 80000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। सारी दुनिया इस नरसंहार को चुपचाप देख रही है। इतने बड़े नरसंहार के बाद भी सारी दुनिया के देश चुप बैठे हैं। इजरायल की लड़ाई, आतंकी संगठन हमास के साथ थी। फिलिस्तीन की सरकार और नागरिक दो पाटों के बीच में फंसी हुई हैं। एक और इजरायल की सेना कहर बरपा रही है। दूसरी ओर हमास के लडाके फिलिस्तीन पर अपना दबाव बनाए हुए हैं। वहां की सरकार के नियंत्रण में कुछ नहीं है। इजराइल भी हमास से लड़ने के बहाने फिलिस्तीन के नागरिकों को मारकर अपनी भडास निकाल रहा है। जब फिलिस्तीन में सरकार के पास सेना ही नहीं है। ऐसी स्थिति में 2 देशों के बीच में यह युद्ध नहीं हो रहा है। इजराइल आतंकवादी संगठन हमास से लड़ रहा है। इसके बाद भी फिलिस्तीन के निर्दोष नागरिक जिनमें बुजुर्ग बच्चों और महिलाएं शामिल हैं। उनको मारकर फिलिस्तीन की जमीन पर कब्जा कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा परिषद इस नरसंहार को रोकने के जो भी प्रयास किए थे। वह सफल नहीं हुए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी बड़ी-बड़ी डींग हाक रहे हैं। उसके बाद भी फिलिस्तीन के निर्दोष नागरिक लगातार मारे जा रहे हैं। आतंक की जो पराकाष्ठा हो सकती है। वह गाजा में देखने को मिल रही है। हमास के आतंकवादी संगठन से ज्यादा इजरायल की सेना में क्रूरता देखने को मिल रही है। इजराइल ने गाजा सिटी को खतरनाक क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके बाद जितनी बर्बरता इजरायल की सेना कर सकती है, कर रही है। सारी दुनिया चुपचाप तमाशा देख रही है। जब एक छोटे से देश फिलिस्तीन को लेकर सुरक्षा परिषद और अमेरिका जैसे देश इस नरसंहार को रोकने कुछ नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में आसानी के साथ समझा जा सकता है, रूस और यूक्रेन के बीच जो युद्ध पिछले कई महीनो से चल रहा है। उसे अमेरिका और नाटो के देश कैसे रोक पाएंगे। गाजा में इजराइल की सेना से लड़ने वाला कोई नहीं है। मासूम नागरिक वहां पर इजरायली सेना और नेतन्याहू के पागलपन का शिकार हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की यह चुप्पी बता रही है, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अपनी प्रासंगिकता खो चुकी हैं। भारत जैसा संवेदनशील धार्मिक राष्ट्र इस नरसंहार को रोकने के लिए जो प्रयास कर सकता था, वह नहीं कर रहा है। यह एक आश्चर्यजनक बात है। जिसकी लाठी उसकी भैंस वाला सिद्धांत एक बार फिर दुनिया के देशों के बीच में देखने को मिल रहा है। इजरायल-फिलिस्तीन, रूस-यूक्रेन, इरान इत्यादि देशों में हजारों निर्दोष बेसहारा लोगों की हत्या हो रही है। वर्तमान स्थिति यह बताती है, विकास और पूंजीवाद के रास्ते चलते हुए मानव समाज कितना असंवेदनशील एवं निर्मम हो चुका है। दुनिया के देश मिलकर भी इजराइल को नरसंहार करने से नहीं रोक पा रहे हैं। इजराइल लगातार फिलिस्तीन पर कब्जा करता चला जा रहा है। दुनिया के ताकतवर देशों के बीच में जिस तरह की तल्खी देखने को मिल रही है। उससे तीसरे विश्व युद्ध की आशंका यदा-कदा सामने आने लगी है। सारी दुनिया, प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्ध की भारी तबाही देखने के बाद भी, कोई सबक नहीं सीख पाई है। तो भगवान ही मालिक है। जिस फिलिस्तीन के पास अपनी कोई सेना नहीं है। इजरायल की सेना नागरिकों मार रही है। :लम्बे समय तक नरसंहार करने के बाद भी हमास के लड़ाकों से इजराइल नहीं जीत पा रहा है। निर्दोष नागरिकों को मारकर इजराइल अपनी दादागिरी और आतंक को सही ठहरना चाहता है। इस स्थिति में मानवता और मानव अधिकारों की बात करना बेमानी है। ईएमएस / 30 अगस्त 25