राज्य
17-Sep-2025
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कवर्धा(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। माओवादी केंद्रीय कमेटी ने अस्थायी रूप से हथियारबंद संघर्ष रोकने और सरकार से शांति वार्ता करने की पेशकश की है। हालांकि, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने साफ किया है कि जब तक पत्र की प्रामाणिकता सिद्ध नहीं हो जाती, तब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा। मीडिया से चर्चा में शर्मा ने कहा कि यदि पत्र वास्तव में माओवादी नेतृत्व की ओर से आया है, तो सरकार वार्ता पर विचार करेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार हमेशा शांति की पक्षधर रही है, लेकिन किसी भी रणनीति या छल से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है।माओवादियों द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख है कि मार्च 2025 से संगठन गंभीरता और ईमानदारी के साथ शांति वार्ता की कोशिश कर रहा है। 10 मई को महासचिव ने प्रेस बयान जारी कर सीजफायर का प्रस्ताव रखा था और कहा था कि पार्टी हथियार छोड़ने पर विचार कर रही है। लेकिन, केंद्र सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई, उलटे सुरक्षाबलों के उन्मूलन अभियान और तेज कर दिए गए। पत्र में 21 मई को माड के गुंडेकोट में हुई भीषण मुठभेड़ का जिक्र भी किया गया है, जिसमें माओवादी महासचिव बसवाराजू समेत 28 नक्सली मारे गए थे। संगठन का कहना है कि पहले की वार्ता प्रक्रिया अधूरी न छोड़ी जाए और इसे आगे बढ़ाया जाए। फिलहाल सरकार ने इस पत्र को संबंधित एजेंसियों को जांच के लिए सौंप दिया है। यदि यह असली साबित होता है, तो यह नक्सल आंदोलन के भविष्य को बदलने वाला बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)17 सितंबर 2025