मुंबई (ईएमएस)। बॉलीवुड एक्टर अर्जुन रामपाल की पर्सनैलिटी और मॉडल जैसा लुक देखकर कोई भी मान लेगा कि उनका सफर बेहद सुखद रहा होगा। अर्जुन के करियर की शुरुआत ऐसी चुनौतियों से भरी थी कि रोजमर्रा का खर्च चलाना तक मुश्किल बन गया था। एक्टर अर्जुन रामपाल का जन्म मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ। उनका परिवार मिलिट्री पृष्ठभूमि से जुड़ा था और उनके नाना ब्रिगेडियर गुरदयाल सिंह भारतीय सेना के लिए पहली आर्टिलरी गन डिज़ाइन करने वाली टीम का हिस्सा थे। बचपन में ही माता-पिता के तलाक के बाद उनकी परवरिश अकेले उनकी मां ने की, जो पेशे से स्कूल टीचर थीं। प्रारंभिक पढ़ाई महाराष्ट्र में पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज में दाखिला लिया और अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन किया। करियर का मोड़ तब आया जब एक पार्टी में उनकी मुलाकात मशहूर फैशन डिजाइनर रोहित बल से हुई, जिन्होंने उन्हें मॉडलिंग का मौका दिया। कुछ ही समय में अर्जुन भारत के टॉप मॉडल्स की सूची में शामिल हो गए और 1994 में उन्हें ‘सोसाइटी फेस ऑफ द ईयर’ पुरस्कार भी मिला। परंतु बाहरी चमक के पीछे संघर्ष चल रहा था। अर्जुन ने खुद स्वीकार किया कि मॉडलिंग के दौरान कमाई अनियमित थी और अक्सर स्थिति ऐसी बन जाती कि खाने तक के पैसे नहीं होते थे। फिल्मों में करियर बनाने की कोशिशों ने मुश्किलें और बढ़ा दीं। इसी बीच उन्हें पहली फिल्म ‘मोक्ष’ में काम का मौका मिला, लेकिन फिल्म बनने में पांच साल लग गए। इस दौरान उन्होंने मॉडलिंग छोड़ दी थी और कोई निश्चित काम भी नहीं था। 2001 में रिलीज हुई ‘प्यार इश्क और मोहब्बत’ से उन्हें पहचान मिली। फिल्म भले बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रही, लेकिन अर्जुन की एक्टिंग की खूब तारीफ हुई और उन्हें आईफा का ‘फेस ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड मिला। शुरुआती फिल्मों ‘दीवानापन,’ ‘दिल का रिश्ता,’ और ‘वादा’ से अर्जुन की छवि एक रोमांटिक हीरो की बनी, हालांकि ये फिल्में बड़ी हिट नहीं रहीं। असली मोड़ 2006 में ‘डॉन’ और फिर ‘ओम शांति ओम’ में मिला, जहां उन्होंने विलेन का किरदार निभाकर दर्शकों को चौंका दिया। 2008 की फिल्म ‘रॉक ऑन’ ने उन्हें नई पहचान दी। इस भूमिका के लिए उन्होंने महीनों तक गिटार बजाना सीखा और इस फिल्म ने उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार और फिल्मफेयर में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान दिलाया। अर्जुन ने आगे चलकर अपनी प्रोडक्शन कंपनी ‘चेजिंग गणेशा फिल्म्स’ बनाई और ‘आई सी यू’ तथा ‘डैडी’ जैसी फिल्मों का निर्माण किया। सुदामा/ईएमएस 30 नवंबर 2025