नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत में बाइक और स्कूटर के शौकीनों के लिए एक जरूरी खबर है। दरअसल, नए मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत अब टू-व्हीलर्स में गैर-कानूनी मॉडिफिकेशन करना महंगा पड़ सकता है। एक्ट के अनुसार, अगर कोई टू-व्हीलर मालिक अपनी गाड़ी के पार्ट्स में इसतरह का बदलाव करता है जो एआरएआई अप्रूव्ड नहीं हैं, तब उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। यह जुर्माना 5,000 से 10,000 रुपये तक का हो सकता है। बाइक या स्कूटर में बिना मंजूरी वाले पार्ट्स जैसे आवाज बढ़ाने वाला साइलेंसर, रियर-लाइट, हेडलाइट, टायर या सस्पेंशन बदलना अब गैर-कानूनी की श्रेणी में आएगा। अगर कोई नियम तोड़ता है, तब पहली बार पकड़े जाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना है। वहीं, फिर गलती होने पर जुर्माना 10,000 रुपये तक जा सकता है। इसके साथ ही वाहन को सीज या रजिस्ट्रेशन सस्पेंड करने का भी खतरा रहता है। नए एक्ट का मकसद सिर्फ जुर्माना लगाना नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा बढ़ाना और वाहनों के रख-रखाव को रेगुलेट करना भी है। टू-व्हीलर पर गैर-कानूनी मॉडिफिकेशन करने से न केवल सड़क पर जोखिम बढ़ता है, बल्कि यह दूसरे ड्राइवर्स और पैदल चलने वालों के लिए भी खतरा बन सकता है। इसलिए एक्ट में साफ निर्देश दिए गए हैं कि अब सभी पार्ट्स एआरएआई अप्रूव्ड होने चाहिए। अगर कोई गैराज या डीलर बिना अप्रूवल वाले पार्ट्स बेचता या फिट करता है, तब उस पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यानी केवल गाड़ी मालिक नहीं, बल्कि जो पार्ट्स बेचते और लगाते हैं, उन पर भी कार्रवाई की जा सकती है। आशीष/ईएमएस 20 दिसंबर 2025