राष्ट्रीय
24-Dec-2025


चंडीगढ़(ईएमएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश को देश का सबसे विकसित राज्य बनाने के अपने अटूट संकल्प को दोहराया है। चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर में विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य जनकल्याण, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों के समय से चली आ रही आबियाना प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। इसके अलावा, राज्य में जमीनों और संपत्तियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बना दिया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में तिगुनी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है, जिसमें सरस्वती आर्द्रभूमि जलाशय और सरस्वती जंगल सफारी जैसी परियोजनाएं न केवल हमारी प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखेंगी, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी। शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कुरुक्षेत्र और लाडवा क्षेत्र की उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए उन्होंने बताया कि उमरी में 108 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर भारत का पहला राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान स्थापित किया गया है। साथ ही, युवाओं के कौशल विकास के लिए राजकीय पॉलिटेक्निक और बहलोलपुर में आईटीआई का निर्माण भी पूर्ण किया जा चुका है। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए उमरी गांव में 25 करोड़ रुपये की लागत से संत शिरोमणि गुरु रविदास स्मारक का निर्माण किया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। किसानों के हित में किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले 11 वर्षों में फसल खराबे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 15,448 करोड़ रुपये की भारी राशि मुआवजे के तौर पर प्रदान की गई है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे हरियाणा को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के इस मिशन में सरकार का सहयोग करें। वीरेंद्र/ईएमएस/24दिसंबर2025 -----------------------------------