ज़रा हटके
01-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काम की जिम्मेदारियों के बीच लोग अपनी सेहत से समझौता करने लगे हैं। न समय पर भोजन, न पर्याप्त नींद और न ही शरीर को जरूरी आराम मिल पाता है। इसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है और धीरे-धीरे पूरा शरीर कमजोर होने लगता है। पेट से जुड़ी समस्याएं, कमर दर्द, पैरों में थकान और मानसिक तनाव आम हो गया है। ऐसे में अगर कम समय और कम मेहनत में शरीर को स्वस्थ रखना है, तो योग सबसे बेहतर उपाय माना जाता है। योग न सिर्फ शरीर को, बल्कि मन को भी संतुलित रखने में मदद करता है। योगासन में उत्तानपादासन को विशेष रूप से लाभकारी माना गया है। यह ऐसा आसन है, जो पेट से जुड़ी कई परेशानियों को दूर करने में सहायक होता है। कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में यह योगासन राहत देता है। इसके नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी कम होती है और पेट व जांघों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यही नहीं, लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए यह आसन कमर और पैरों के दर्द को कम करने में भी उपयोगी माना जाता है। उत्तानपादासन का असर केवल शरीर तक सीमित नहीं रहता। यह मन को शांत करने में भी मदद करता है। तनाव और बेचैनी को कम कर यह मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, इस आसन के अभ्यास से हृदय की धड़कन नियंत्रित रहती है और व्यक्ति खुद को अधिक ऊर्जावान महसूस करता है। आयुष मंत्रालय ने भी उत्तानपादासन के फायदों को रेखांकित किया है। मंत्रालय के अनुसार, इस आसन का प्रमुख लाभ नाभि चक्र को संतुलित करना है, जो पाचन क्रिया और पेट से जुड़ी बीमारियों से सीधा संबंध रखता है। उत्तानपादासन पाचन शक्ति को बेहतर बनाता है और पेट फूलने जैसी समस्या से राहत दिलाता है। यह पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों को सक्रिय कर उन्हें मजबूत बनाता है, जिससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है। इसके साथ ही यह पूरे शरीर में रक्त संचार को सुधारता है। जब रक्त संचार बेहतर होता है, तो हृदय की रक्त पंप करने की क्षमता भी बढ़ती है और मस्तिष्क तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचती है। इससे शरीर के सभी अंग सही ढंग से कार्य करने लगते हैं। इस आसन को करना भी ज्यादा कठिन नहीं है। जमीन पर सीधे लेटकर, हाथों को शरीर के पास रखते हुए पैरों को एक साथ ऊपर उठाया जाता है। पैरों को करीब 30 से 40 डिग्री तक ऊपर रखकर कुछ समय तक उसी स्थिति में रोका जाता है और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए नीचे लाया जाता है। हालांकि, कमर दर्द, हाई ब्लड प्रेशर या किसी गंभीर समस्या से जूझ रहे लोगों को इसे सावधानी से करना चाहिए। गलत तरीके से अभ्यास करने पर कमर दर्द बढ़ सकता है। इसलिए बेहतर यही है कि योग शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर ली जाए। डेविड/ईएमएस 01 जनवरी 2026