अंतर्राष्ट्रीय
01-Jan-2026
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वैंकूवर,(ईएमएस)। कनाडा के वैंकूवर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया का पायलट 23 दिसंबर 2025 को दिल्ली के लिए उड़ान भरने से पहले हिरासत में लिया गया। पायलट के मुंह से शराब की गंध आने पर एयरपोर्ट के स्टाफ ने अधिकारियों को सूचना दी। यह फ्लाइट एआई 186 वैंकूवर से दिल्ली के लिए थी, जो वियना के रास्ते जाती थी और विमान को चार पायलटों की टीम संचालित कर रही थी। स्थानीय अधिकारियों ने शिकायत मिलने पर सीसीटीवी फुटेज खंगाली और पायलट की पहचान कॉकपिट क्रू के सदस्य के रूप में की। मौके पर ब्रेथ एनालाइजर (बीए) टेस्ट किया गया, जिसमें पायलट फेल हो गया। इसके बाद उन्हें आगे की जांच के लिए हिरासत में ले लिया गया। यात्रियों के लिए राहत की बात यह रही कि एयर इंडिया ने तुरंत वैकल्पिक पायलट की व्यवस्था की। चार-पायलटों वाली यह अल्ट्रा लॉन्ग-हॉल फ्लाइट लगभग दो घंटे की देरी से रवाना हुई। विमान सुरक्षित रूप से वियना पहुंचा, जहां से दूसरे सेट के क्रू ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी। वहीं एयर इंडिया ने मामले को गंभीरता से लिया है। पायलट को कुछ दिन बाद दिल्ली लाया गया और उनसे पूछताछ की जा रही है। मामले की रिपोर्ट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को भेजी गई है, जो अपनी स्तर पर जांच कर रहा है। एयरलाइन ने कहा कि जांच पूरी होने तक पायलट को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है और नियमों के उल्लंघन पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में आमतौर पर प्री-फ्लाइट बीए टेस्ट अनिवार्य नहीं होते, लेकिन एयर इंडिया ने सुरक्षा के लिए कई अंतरराष्ट्रीय स्टेशनों पर रैंडम प्री-फ्लाइट टेस्ट लागू किए हैं। घरेलू उड़ानों में ये टेस्ट जरूरी हैं। पायलट समुदाय में इस घटना को लेकर हैरानी है। कई पायलटों का कहना है कि शराब के अलावा आफ्टरशेव, माउथवॉश या कुछ दवाओं में मौजूद अल्कोहल की वजह से भी बीए टेस्ट फेल हो सकता है। नियम के अनुसार, तीन बार टेस्ट फेल होने पर पायलट का लाइसेंस रद्द हो सकता है, इसलिए क्रू बेहद सतर्क रहता है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पायलट ने वास्तव में शराब का सेवन किया था या केवल ड्यूटी-फ्री शॉप पर शराब खरीदते समय गंध की वजह से मामला सामने आया। जांच के नतीजों के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। आशीष दुबे / 01 जनवरी 2026