आत्मनिर्भरता को सही मायने में समझना हो तो मध्यप्रदेश आना ही होगा। देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में डॉॅ. मोहन यादव ने जो कदम उठायें हैं उससे यह बात स्वतः ही प्रमाणित हो जाती है। विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए इस प्रदेश में जो नवाचार हुए हैं, उसे सभी ने देखा है, परखा है। इस सबके बीच सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल बीत चुका है। इन दो वर्षो में प्रमुख रूप से यह ध्यान रखा गया है कि जनहित से जुड़े मुद्दे अछूते न रह जायें ,साथ ही विकास में किसी तरह का अवरोध उत्पन्न न हो इसके लिए भी अथक प्रयास किये गए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, निवेश सहित महिला उत्थान सभी क्षेत्रों में नवीन नवाचारों को अपनाकर सरकार ने साबित कर दिया है कि वह सबके साथ खड़ी है। यह अभिनव प्रयोग सिर्फ मध्यप्रदेश में ही होता दिखायी दे रहा है। यहाँ बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई बार मध्यप्रदेश का दौरा कर चुके हैं। वे यहाँ चल रहे अभिनव विकास कार्यक्रम तथा योजनाओं की तारीफ करते हैं। उनके भाषणों में अक्सर मध्यप्रदेश का उल्लेख प्रमुखता से होता है। वे मुख्यमंत्री डॅा. मोहन यादव से प्रभावित हैं और कहते हैं कि बतौर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी अकर्मण्यता, कौशल्य के दम पर मध्यप्रदेश को देश भर में अग्रणी स्थान दिलाने के साथ-साथ अपार लोकप्रियता भी अर्जित करायी है। डॉ. मोहन यादव के काम, उनके आश्वासन और वायदों पर प्रदेश के लोगों ने भरोसा भी जताया है। मोहन यादव सरकार ने अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। सरकार के कामकाज को परखने, उससे संतुष्ट होने वाले लोगों की संख्या बहुतायत है लेकिन आलोचना करने वाले भी कम नहीं। इन सबके बीच विपक्ष की आलोचना, टीका टिप्पणी को नजर अंदाज कर मध्यप्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने का लक्ष्य अपने गंतव्य पर निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में ऊर्जा, बिजली, किसान, कृषि, पर्यटन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम हुए हैं। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अब तक 9508 मेगावाट क्षमता स्थापित कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लक्ष्य के अनुरूप इसे शीर्ष पर लाना बाकी है। प्रसंगवश बता दें कि नवकरणीय ऊर्जा क्षमता के मामले में मध्यप्रदेश का देश में छठवां स्थान है। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद मध्यप्रदेश में इसकी क्षमता ज्यादा है। नवकरणीय ऊर्जा केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं बल्कि आर्थिक विकास, ऊर्जां सुरक्षा के साथ रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बन चुकी है। पिछले दो वर्ष के दौरान उन्नत फसलों की सुनिश्चितता पर विशेष ध्यान दिया गया है। बता दें कि प्रदेश की आबादी का एक तिहाई हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है। जो खेती किसानी से सीधा जुड़ा है। किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, उन्नत कृषि तरीकों के प्रयोग के साथ-साथ आधुनिक उपकरणों के लिये सहयोग प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के कुल सिंचित क्षेत्र में विगत दो वर्ष के दौरान लगातार बदलाव हुए हंै। किसानों को खेती के अनुरूप सही मात्रा में बिजली, पानी, समय-समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। आशा व्यक्त की जा रही है कि देश के पिछड़े राज्यों की कृषि व्यवस्था को मजबूत और सृदढ़ बनाने में यदि कोई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है तो वह मध्यप्रदेश है। बिजली उत्पादन में भी मध्यप्रदेश ने कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 19 हजार मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जा रही है। आने वाले वर्षो में इसे और अधिक बढ़ाने के लिए विभिन्न स्त्रोतों के माध्यम से प्रयास किये जा रहे हैं। किसी भी प्रदेश के विकास का सीधा सम्बंध पर्यटन क्षेत्र से जुड़ा होता हैं। प्रदेश की आय स्त्रोत में पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इस क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश को उपलब्धि हासिल हुयी है। यहाँ प्रति वर्ष पर्यटकों की संख्या में बीस से पच्चीस प्रतिशत तक की बढ़ौतरी होती है, जो कि बड़ी उपलब्धि है। दूसरे राज्यों से तथा विदेशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या इस वर्ष 14 करोड़ से अधिक है जो किसी राज्य के लिए गर्व करने वाली बात है। डॉ. मोहन यादव सरकार से प्रदेश के लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। सरकार के कामकाज में न तो कहीं असंतुलन जान पड़ता है और न ही जातिगत या धार्मिक द्वेष की भावना दिखायी देती है। प्रदेश के हर धर्म जाति के लोगों को समान भाव से देखा जा रहा है। संतोष की बात है कि डॉ. मोहन यादव एक सफल और विश्वसनीय मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की बागडोर संभाल रहे हैं। उनके सामने चुनौतियंा अनेक हैं। युवा उत्थान की दिशा में आगे बढ़ना होगा। युवाओं को रोजगार देने के लिए उद्योगों की स्थापना, लघु उद्योगों को बढ़ावा तथा सही समय पर उपयुक्त निवेश के लिए सारे रास्ते खोलने होंगे। इस दिशा में कारगार कदम उठाने के साथ योजनाबद्ध तरीके से काम कियें जायें तो बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। सरकार महिला सशक्तिकरण, बालिका प्रोत्साहन तथा सुरक्षा को लेकर भी चिंतित है तथा इस पर अत्यधिक व्यय कर रही है। महिला सम्मान में कहीं कोई कमी न रह जाये इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मातृ शक्ति के अधिकार, स्त्रीत्व के सम्मान सुरक्षा, और उसके सामाजिक आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध डॉ. मोहन यादव समय की सीढ़ियाँ चढ़ते हुए इस दिशा में लगातार चिंतन मनन करने के साथ अपनी सोच और विचार को धरातल पर उतारते रहे हैं। लेकिन प्रदेश के लोगों को सदैव स्मरण रखना होगा कि विकास की जब कभी बात होगी उन्हें सरकार के साथ खड़ा होना होगा क्योकि बिना जन भागीदारी के किसी भी लक्ष्य को हासिल करना कठिन होता है। याद रखना होगा कि प्रदेश सबका है और इसकी समृद्धि में ही सबकी खुशहाली है। ईएमएस/01/01/2026