पटना, (ईएमएस)। बिहार में मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के बाद अब आईएएस एवं आईपीएस समेत राज्य सरकार के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने का फैसला बिहार सरकार ने लिया है। वर्ष 2025 में अर्जित चल-अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य रूप से सभी को देना होगा, जिसे 31 मार्च 2026 तक सरकारी वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। राज्य के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने वर्ष 2025 में अर्जित संपत्ति का ब्योरा पहले ही 31 दिसंबर 2025 को सार्वजनिक कर दिया है। इसी कड़ी में अब प्रशासनिक स्तर पर भी पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से अधिकारियों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है। इस संबंध में बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन की ओर से सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अधिकारियों को अपनी संपत्ति का विवरण सरकारी वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। प्रशासनिक सुधार मिशन के निदेशक बी.राजेन्दर द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, अन्य अखिल भारतीय सेवाओं, सिविल सेवा और राज्य सरकार के अधीन कार्यरत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वर्ष 2025 में अर्जित संपत्ति का ब्योरा निर्धारित समय-सीमा के भीतर देना अनिवार्य है। निर्देश के अनुसार, सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी संपत्ति अर्जन का विवरण मिशन को समेकित रूप से उपलब्ध कराएंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी सहित समूह ‘क’ से ‘ग’ तक के सभी अधिकारियों का पंजीकरण 9 जनवरी 2026 तक मिशन के निर्धारित प्रपत्र (परफार्मा) में किया जाएगा। इसके बाद 15 जनवरी 2026 तक संपत्ति संबंधी सूची को सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा। वहीं, 15 मार्च 2026 तक सभी पदाधिकारी और कर्मचारियों की चल-अचल संपत्ति एवं देनदारियों से संबंधित दस्तावेज हस्ताक्षर के साथ मिशन कार्यालय को उपलब्ध कराने होंगे। संपत्ति का मिलान और सत्यापन करने के बाद 31 मार्च 2026 तक इसकी आधिकारिक जानकारी प्रशासनिक सुधार मिशन की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी जाएगी। आदेश में इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोष झा- ०१ जनवरी/२०२६/ईएमएस