राज्य
01-Jan-2026
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:: अरण्य धाम आश्रम में संतों का समागम : 24वें वर्ष में प्रविष्ट हुआ अखंड रामायण पाठ, 12 हजार भक्तों ने टेका मत्था :: इंदौर (ईएमएस)। हम भौतिक उन्नति और समृद्धि की कामना तो करते हैं, लेकिन अपने आचरण और दिनचर्या की उपेक्षा कर देते हैं। यदि मनुष्य विलासिता का मोह त्याग कर सनातन संस्कृति के मूल्यों को आत्मसात कर ले, तो उसे न केवल आर्थिक लाभ प्राप्त होगा, बल्कि अध्यात्म का मार्ग भी प्रशस्त होगा। यह प्रेरक उद्गार बावड़ी वाले हनुमान मंदिर, अरण्य धाम संत आश्रम पर महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने व्यक्त किए। अवसर था आश्रम में संचालित अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ के 24वें वर्ष में मंगल प्रवेश का। इस पावन उपलक्ष्य में प्रदेशभर से आए ख्यात संत-महंतों का समागम हुआ, जहाँ भक्ति और सेवा की अविरल धारा बही। सीताराम भक्त मंडल के कमलेश्वर सिंह सिसोदिया के अनुसार, इस सिद्ध स्थान पर 31 दिसंबर 2003 को साकेत वासी महंत फलाहारी बाबा द्वारा अखंड रामायण पाठ की नींव रखी गई थी। आज इस संकल्प के 23 वर्ष पूर्ण होने पर दो दिवसीय महोत्सव मनाया गया। परिसर में निरंतर राम नाम जाप, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड के पाठ से संपूर्ण क्षेत्र धर्ममय हो गया। उत्सव के दूसरे दिन शाम 5 बजे प्रदेश के प्रतिष्ठित महामंडलेश्वरों और संतों की उपस्थिति में भव्य महाआरती संपन्न हुई। इस दौरान हनुमान जी एवं शिव परिवार को छप्पन भोग अर्पित किया गया। महामंडलेश्वर रामदास जी ने उपस्थित सभी संत-अभ्यागतों का शॉल-श्रीफल से भावपूर्ण सम्मान किया। आश्रम परिसर में सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। लगभग 12,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया। व्यवस्थाओं को संभालने के लिए सीताराम भक्त मंडल के 300 से अधिक सेवादार पिछले दो दिनों से डटे हुए हैं। शाम 6 बजे से प्रारंभ हुआ चलित भंडारा देर रात तक जारी रहा, जिसमें 10,000 से अधिक भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन में क्षेत्रवासियों की सहभागिता सराहनीय रही। प्रकाश / 01 जनवरी 2026