क्षेत्रीय
02-Jan-2026
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- अवैध पिस्टल रखने का भी दोष सिद्ध रायपुर(ईएमएस)। राजधानी रायपुर में दो साल पहले अपने ही छोटे भाई की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी करोड़पति कारोबारी पीयूष झा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उसके खिलाफ हत्या और अवैध हथियार रखने के आरोप भी पूरी तरह साबित पाए गए। इस प्रकरण में लोक अभियोजक बसंत गोड़ ने प्रभावी पैरवी की। यह सनसनीखेज घटना 25 फरवरी 2024 की देर रात की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि सफायर ग्रीन फेज-2 कॉलोनी में एक भाई ने अपने ही छोटे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी है। मृतक की पहचान पराग झा के रूप में हुई थी। आरोपी पीयूष झा ने अपने भाई को सिर में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद आरोपी ने अपनी मां को वीडियो कॉल कर हत्या की जानकारी दी और शव दिखाने के बाद कॉल काट दिया। इसके बाद वह पिस्टल लेकर कार से फरार हो गया। मां ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। विधानसभा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, वहीं दूसरी टीम ने शहर में नाकेबंदी कर आरोपी की तलाश शुरू की। कुछ ही घंटों में डीडीनगर इलाके से पीयूष झा को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि पीयूष और पराग दोनों साथ रहते थे और ड्रोन निर्माण की कंपनी चलाते थे। घटना की रात दोनों भाइयों के बीच शराब के नशे में विवाद हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस बयान के मुताबिक, विवाद के दौरान पराग ने बड़े भाई पर हाथ उठा दिया, जिससे गुस्से में आकर पीयूष ने कबर्ड में रखी अवैध पिस्टल से तीन गोलियां चला दीं। गोली लगते ही पराग मौके पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ में यह भी पाया कि वह नशे का आदी था और घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल का कोई लाइसेंस नहीं था। हथियार को जब्त कर लिया गया है। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह पिस्टल बिहार से लाया था। पीयूष झा ने रायपुर की एक निजी यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। उसने नौकरी छोड़कर ड्रोन स्टार्टअप शुरू किया था, जो महज दो साल में 3.50 करोड़ रुपये के कारोबार तक पहुंच गया। बाद में उसने अपने छोटे भाई पराग को भी बिजनेस में शामिल कर लिया। व्यक्तिगत जीवन में वह डिप्रेशन, टूटी शादी और शराब की लत से जूझ रहा था, जिससे भाइयों के बीच अक्सर विवाद होते थे। कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने पूरे घटनाक्रम, परिस्थितिजन्य साक्ष्य, आरोपी का इकबालिया बयान और अवैध हथियार के सबूत पेश किए। सभी तथ्यों के आधार पर अदालत ने पीयूष झा को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए स्पष्ट किया कि यह अपराध न केवल जघन्य है बल्कि समाज के लिए भी घातक संदेश देता है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)02 जनवरी 2026