राज्य
02-Jan-2026


-बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच में चूक स्वीकार करते हुए प्रधानाध्यापक को किया निलंबित लखनऊ,(ईएमएस)। लखनऊ के मोहनलालगंज में स्थित प्राथमिक स्कूल ने बच्चों की किताबें कबाड़ी को बेच दी। इसका वीडियो वायरल हुआ तो विभाग में हड़कंप मच गया। हैरानी की बात यह है कि जहां नगर और ग्रामीण इलाकों के करीब 20 फीसदी प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के पास सिलेबस की सभी किताबें नहीं हैं, वहीं नेवाजखेड़ा स्कूल में अतिरिक्त किताबें होने के बावजूद उन्हें जरूरतमंद बच्चों को देने की बजाय कबाड़ी को बेच दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब किताबों से भरी बोरियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में एक कबाड़ी स्कूल परिसर से करीब छह बोरियों में किताबें और अन्य सामग्री लेकर बाहर निकला। ग्रामीण बच्चों ने कबाड़ी को रोककर बोरी खुलवाई, जिसमें कक्षा एक से पांच तक की किताबें मिलीं। किताबों और सामग्री का वजन करीब दो क्विंटल बताया जा रहा है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक की मौजूदगी में ही किताबें बेची गई हैं। रिेपोर्ट के मुताबिक मोहनलालगंज बीईओ ने कहा कि उन्होंने खुद स्कूल पहुंचकर जांच की और ग्रामीणों व कबाड़ी दोनों के बयान दर्ज किए हैं। कबाड़ी ने स्वीकार किया कि रेट तय कर पहले किताबें खरीदी गईं, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें वापस ले जाया गया। बीईओ ने प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर यह जानकारी मांगी है कि कबाड़ी को बेची गई किताबें किस साल की थीं और अन्य सामग्री का पूरा विवरण क्या है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शुरुआती जांच में चूक स्वीकार करते हुए प्रधानाध्यापक रविंद्र गुप्ता को निलंबित कर दिया है। बीएसए ने कहा कि संभव है निरीक्षण में लापरवाही हुई हो, लेकिन कार्य पुस्तिकाएं विद्यालय में मौजूद थीं और उन्हें कबाड़ में बेचने की बजाय बच्चों को बांटा जाना चाहिए था। उन्होंने साफ किया कि जांच में अगर कोई और दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिराज/ईएमएस 02जनवरी26 ----------------------------------