राष्ट्रीय
02-Jan-2026


ज्यादात्तर लोगों ने ईवीएम मशीन पर दिखाया भरोसा बीजेपी का पलटवार राहुल गांधी लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा बेंगलुरु (ईएमएस)। कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक में राहुल गांधी के वोट चोरी कैंपेन को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की ओर से कराए सर्वेक्षण में 91 प्रतिशत लोगों ने माना कि देश और राज्य में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष किए जा रहे हैं। सर्वे के नतीजे से बीजेपी कांग्रेस पर हमलावार है। बीजेपी नेता आर. अशोक ने लिखा कि यह सर्वे कांग्रेस और उनके नेताओं के मुंह पर तमाचा है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी को एलओपी यानी लीडर ऑफ प्रोपगेंडा बताया है। बता दें कि लोकसभा चुनाव और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी सहित कांग्रेस ने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कई प्रेसवार्ता की। सितंबर 2025 में उन्होंने कर्नाटक में वोट चोरी का कथित पोल खोलकर प्रेसवार्ता की। तब राहुल गांधी ने कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट के आंकड़े सबके सामने रखे थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि 2023 के कर्नाटक चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने विपक्षी समर्थकों के नाम मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर हटाए थे। कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियांक खरगे ने मामले में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को चिट्ठी लिखी थी। राज्य सरकार ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर एसआईटी भी गठित की। इसके अलावा कर्नाटक का कलबुर्गी भी कांग्रेस के आरोपों के केंद्र में रहा। इसके बाद कर्नाटक सरकार की एक एजेंसी ने चुनाव की निष्पक्षता और वोट चोरी के प्रति लोगों के मत जानने के लिए सर्वे कराया। लोकसभा चुनाव 2024 नागरिकों के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार का अंतिम सर्वेक्षण का मूल्यांकन शीर्षक से सर्वे की रिपोर्ट सामने आ गई है। इस सर्वे में बेंगलुरु, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूरु के 102 विधानसभा क्षेत्रों में 5,100 लोगों से बात की गई। सर्वे के नतीजे बताते हैं कि 91.31 प्रतिशत लोगों का मानना है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हो रहे हैं। कलबुर्गी के 84.67 प्रतिशत लोगों ने कहा कि चुनावों को निष्पक्ष बताया जबकि 10.19 प्रतिशत लोगों ने इस पूरी तरह निष्पक्ष बताया। बेलगावी डिविजन में 69.62 लोगों ने निष्पक्षता पर भरोसा जताया और 19.24 प्रतिशत ने पूरी तरह निष्पक्ष कहा। मैसूरु डिवीजन में भी लोगों ने चुनावी व्यवस्था पर मजबूत भरोसा दिखाया। मैसुरू में 72.08 प्रतिशत लोगों ने निष्पक्षता पर सहमति जाहिर की और 15.08 प्रतिशत ने इस पूरी तरह निष्पक्ष माना। सर्वे में कर्नाटक के ज्यादातर लोगों ने माना कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) भी सही नतीजे देती हैं। यह रिपोर्ट बीजेपी के लिए कांग्रेस पर निशाना साधने का एक बड़ा हथियार बन गई है। बीजेपी का कहना है कि यह सर्वे कांग्रेस और राहुल गांधी के दावों की पोल खोलती है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता अशोक ने लिखा कि जहां नागरिक चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा दिखा रहे हैं, वहीं कांग्रेस शक पैदा कर रही है। वोटर परिपक्वता दिखा रहे हैं, तब कांग्रेस असुरक्षा। यह ड्रामा लोकतंत्र की चिंता से नहीं, बल्कि नतीजों के डर से पैदा हुआ है। बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह सिद्धांत की राजनीति नहीं, बल्कि सुविधा की राजनीति है। कोई भी बनावटी कहानी इस सच्चाई को नहीं छिपा सकती। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी रिपोर्ट के हवाले से राहुल गांधी की घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का वोट चोरी का झूठ और चुनाव आयोग पर लगाया गया आरोप उनकी अपनी ही कर्नाटक सरकार के सर्वे से गलत साबित हुआ है। राहुल गांधी लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा हैं। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी ने बिहार चुनाव के बाद भी इसतरह के आरोप लगाए थे, लेकिन उनके अपने नेता तारिक अनवर और शकील अहमद खान ने कहा था कि यह वोट चोरी नहीं, बल्कि टिकट चोरी थी। उनके सहयोगी उमर अब्दुल्ला और सुप्रिया सुले ने भी राहुल गांधी के इन दावों को खारिज किया था। आशीष दुबे / 02 जनवरी 2026