ढाका (ईएमएस)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ढाका यात्रा को लेकर अटकलें लग रही थीं कि क्या इस दौरान कोई गुप्त या निजी बैठक हुई। इस सवाल पर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने साफ किया है। उन्होंने कहा कि जयशंकर का कार्यक्रम संक्षिप्त और पूरी तरह सार्वजनिक था। कोई वन-टू-वन या निजी चर्चा का मौका नहीं था, और बैठक में अन्य विदेशी मेहमान भी मौजूद थे। हुसैन ने बताया कि यह मुलाकात केवल शोक सभा थी, जिसका उद्देश्य खालिदा जिया के प्रति सम्मान प्रकट करना था। वहां पाकिस्तान के स्पीकर सहित कई विदेशी प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि यह केवल शिष्टाचार का हिस्सा था और इसे किसी गहरे राजनीतिक अर्थ से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। हुसैन ने अपील की कि इस यात्रा में कोई द्विपक्षीय राजनीतिक एजेंडा ढूंढने की कोशिश न करें। जयशंकर की ढाका यात्रा को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या इससे भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में सुधार होगा। इस पर हुसैन ने कोई प्रत्यक्ष उम्मीद या वादा नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के प्रभाव का मूल्यांकन भविष्य में ही किया जा सकेगा। उनका यह बयान संकेत करता है कि बांग्लादेश सरकार फिलहाल “वेट एंड वॉच” की स्थिति में है और केवल एक यात्रा के आधार पर रिश्तों में सुधार का दावा नहीं करना चाहती। बांग्लादेश के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इसे किसी राजनीतिक संकेत के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। हालांकि, दोनों देशों के बीच तनाव और रिश्तों में खटास के सवाल अभी भी अनसुलझे हैं, और आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा कि इस यात्रा से कोई ठोस सुधार संभव होगा या नहीं। आशीष दुबे / 2 जनवरी 2026