लेख
06-Jan-2026
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आजादी के 77 साल में यदि भारत के विकास क्रम की समीक्षा की जाए तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 वर्षों का कार्यकाल यकीनन पिछले साढ़े छह दशक पर भारी है। मोदी सरकार ने देश के विकास की एक नयी लकीर खींची है। नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिये समर्पित रहा है। यह समय अनूठा, अद्भुत और अकल्पनीय है। इस यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत को विश्व में मान, सम्मान और श्रेष्ठ स्थान प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा देश की बहुआयामी प्रगति, समृद्धि और सम्मान की यात्रा है। इसमें एक ओर भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बना है, देश का रक्षा निर्यात 34 गुना बढ़ा है और भारत अब डिफेंस इम्पोर्टर से एक्सपोर्टर बन गया है। वहीं 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आये हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सम्मान का मंत्र दिया। उन्होंने इन्हीं चार स्तंभों के समग्र विकास से वर्ष 2047 तक विकसित भारत निर्माण का मार्ग बताया। प्रधानमंत्री जी की नीतियों और निर्णयों ने नये आत्मनिर्भर भारत निर्माण को गति दी है। 11 वर्ष पूर्व पूर्व पीएम मोदी ने संसद की सीड़ियों को नमन करके जो संकल्प व्यक्त किये थे, उनमें उनकी भावी यात्रा के साथ नये भारत निर्माण के संकेत भी थे। उन्होंने निरंतर अपने संकल्पों की सिद्धि के साथ देश को आगे बढ़ाया है और राष्ट्र तथा समाज के उत्थान के लिए अभूतपूर्व निर्णय लिये हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, भारत में नागरिकता कानून (सीएए) बनाने, तीन तलाक जैसे अमानवीय कानून को समाप्त करने, वक्फ संपत्ति का मुस्लिम समाज के कल्याण में उपयोग के लिए वक्फ संशोधन विधेयक कानून लाने जैसे निर्णय प्रधानमंत्री जी की संकल्प शक्ति से ही संभव हुए हैं। उनका दृढ़ संकल्प सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक में भी दिखाई दिया। बालाकोट के बाद ऑपरेशन सिंदूर से भारत के सामर्थ्य को पूरी दुनिया ने देखा है। पहलगाम में बहनों के सामने आर्तोकयों ने उनका सिंदूर मिटाया था, प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से यह साबित कर दिया कि यह नया भारत है जो राष्ट्र के सम्मान, नागरिकों की सुरक्षा और मानवता के लिए घर में घुसकर भी मारना जानता है। पीएम मोदी के कार्यकाल की यह समृद्ध यात्रा राष्ट्र की उमति, आधारभूत समस्याओं के निराकरण और वैश्विक छवि के उत्थान की रही है। देश के 80 करोड़ से अधिक गरीबों को निःशुल्क अम्र, 4 करोड़ से अधिक परिवारों को पका घर, हर घर में शौचालय, 15.6 करोड़ से अधिक भरों में नल से जल, 10 करोड़ से अधिक मरों में उज्वला योजना से गैस कनेक्शन और गांवों को रोशन किया है। उनके स्वच्छ भारत अभियान के आह्वान पर पूरा देश स्वच्छता एवं साफ सफाई में जुट गया। प्रधानमंत्री जी ने सबका साथ, सचका विकास और सबका विश्वास का उद्घोष किया। उनकी नीतियों में अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति के कल्याण की अवधारणा है। सबके स्वस्थ और सुखमय जीवन के लिए आयुष्मान भारत अभियान चलाया। इसमें 9 करोड़ से अधिक लोगों का मुफ्त उपचार हुआ है। सत्तर वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति को भी निःशुल्क उपचार मिला है। 16 हजार से अधिक जन औषधि केन्द्रों से सस्ती और अच्छी दवाएं उपलब्ध करवाई है। कोरोना काल में देशवासियों को आपदा में अवसर का मंत्र देते हुए प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत निर्माण का संकल्प दिया और देशवासियों को स्वदेशी निःशुल्क वैक्सीन उपलब्ध करवाई। इस भारतीय वैक्सीन को दुनिया के कई देशों ने भी स्वीकारा। उन्होंने श्रृंखलाबद्ध लोक एवं जन कल्याण कारी योजनाओं से समाज के हर वर्ग के समग्र विकास की समुचित व्यवस्था की। जनधन योजना से 55 करोड़ से अधिक लोगों को वित्तीय धारा से जोड़ा गया। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से गरीवों को 44 लाख करोड़ रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है। पीएम स्वनिधि और स्ट्रीट वेंडर से रेहड़ी-पटरी के व्यवसायियों को आधार दिया और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी, युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए, नई शिक्षा नीति के साथ 1.6 करोड़ से अधिक युवाओं का कौशल विकास और 1.6 लाख से अधिक स्टार्टअप्स शुरू कर युवाओं को विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति के लिये भागीदार बनाया है। मध्यप्रदेश ने सबसे पहले नई शिक्षा नीति को अमल में लाया और युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार तथा स्व-रोजगार के लिये अनंत संभावनाए विकसित की है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, 7.7 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड तथा फसल बीमा से अप्रदाताओं को संबल मिला है। महिलाओं की सुरक्षा के उपाय, आर्थिक स्वावलंबन, सामाजिक उत्थान और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है। देशभर में लगभग 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। देश में 90 लाख से अधिक स्व सहायता समूहों के माध्यम से 10 करोड़ ग्रामीण महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। वर्ष 2014 में भारत की अर्थव्यवस्था 10वें स्थान पर थी। प्रधानमंत्री जी की आर्थिक नीतियों, विशेषकर नोटबंदी जिससे कदाचार पर नियंत्रण हुआ, डिजिटलाइजेशन और यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से ऑनलाइन लेनदेन का चलन बढ़ा। इन सभी नीतियों ने आर्थिक विकास के निर्णयों को सबल किया और भारत दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया। प्रधानमंत्री जी ने विकास के साथ विरासत का आह्वान किया है। विरासत को सहेजने के लिए उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास और पुनर्प्रतिष्ठा का कार्य आरम्भ किया तथा इसे धार्मिक पर्यटन से जोड़ा। लोगों का अपनी विरासत के प्रति सम्मान बड़ने के साथ पर्यटकों की संख्या भी बड़ी है। नमामि गंगे योजना से पवित्र नदियों की सफाई अभियान के साथ जल संरक्षण की परम्परा विकसित हो रही है। उन्होंने स्वदेशी तकनीक विकसित करने का आह्वान किया था जिसने अपना लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। प्रधानमंत्री जी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्र (इसरो) के वैज्ञानिकों से स्वयं चर्चा की और आवश्यक बजट तथा सुविधाएं उपलब्ध करवाई। इसका परिणाम यह है कि भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान तकनीक विश्व में अग्रणी बनी और चंद्रमा के दक्षिणी व पर पहुंचने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया। कनेक्टिविटी से विकास को गति प्रदान करने के लिये प्रधानमंत्री जी ने सड़क और रेल नेटवर्क का विस्तार किया। 23 शहरों में मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति, बंदरगाह, हवाई मार्ग, हाई स्पीड कॉरिडोर निर्माण के लक्ष्य को स्वरूप प्रदान किया है। अटल टनल और दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज चेनाब आकार ले चुका है। पीएम मोदी का संकल्प है कि स्वतंत्रता के 100वें वर्ष यानी वर्ष 2047 तक भारत को 35 ट्रिलियन डॉलर की पूर्ण विकसित अर्थव्यवस्था बनाना और विश्व की सर्वोच्य शक्ति के रूप में स्थापित करना है। इस संकल्प की पूर्ति में सभी प्रदेश सहभागी बनने के लिये प्रतिबद्ध है। देश तमाम दुनिया के बदलते समीकरणों के बीच भी अधिक स्वायत्तवता और सम्मान के साथ अंतरराष्ट्रीय जगत में अपनी गरिमा को बनाए रखने में कामयाब रहा है ।वहीं आम आदमी में सरकार उम्मीद की एक लौ जगाने में भी कामयाब रही है यह स्वयं मे बड़ी बात है क्योंकि 140 करोड़ भारतीयों की संकल्प शक्ति ही सरकार की ताकत है। (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं) ईएमएस / 06 जनवरी 26