राज्य
06-Jan-2026


:: 89 महिलाओं ने पूरा किया पायलट प्रशिक्षण; 80% सब्सिडी पर मिल रहे ड्रोन से बदली आजीविका :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरगामी “नमो ड्रोन दीदी” योजना मध्यप्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वावलंबन की नई मिसाल बन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह योजना महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रही है। प्रदेश में अब तक 89 ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट का सफल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जो अब खेतों में उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव से सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। :: लागत कम, कमाई ज्यादा :: योजना के तहत ड्रोन की कुल लागत का 80 प्रतिशत अनुदान सरकार द्वारा दिया जा रहा है। हितग्राही महिला को केवल 50 हजार रुपये का अंशदान करना होता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1000 से अधिक महिलाओं को ड्रोन प्रशिक्षण और ड्रोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत हो रही है और फसलों की उत्पादकता में भी वृद्धि देखी जा रही है। :: सफलता की कहानियाँ : सिलाई-कढ़ाई से ड्रोन तक का सफर :: सपना काछी (जबलपुर) : स्व-सहायता समूह से जुड़ी सपना ने ड्रोन के माध्यम से 1200 एकड़ खेत में स्प्रे कर 2.86 लाख रुपये कमाए। अब उनकी मासिक आय 35 हजार रुपये तक पहुँच गई है। कविता चौहान (खंडवा) : कविता ने ग्वालियर में प्रशिक्षण लेकर 2500 एकड़ से अधिक खेतों में स्प्रे किया और 7.68 लाख रुपये की आय अर्जित की। वे प्रधानमंत्री मोदी से भी संवाद कर चुकी हैं। वंदना केवट (रायसेन) : नमो ड्रोन योजना से मिले ड्रोन के जरिए वंदना ने 450 किसानों के खेतों में छिड़काव किया और अब तक 6.05 लाख रुपये की कमाई कर चुकी हैं। :: ग्रामीण विकास का नया मॉडल :: शाजापुर की प्रियंका सौराष्ट्रीय और सीहोर की संगीता (बोर्ड सदस्य, आत्मनिर्भर महिला एफपीओ) ने बताया कि तकनीक के जुड़ाव से न केवल उनकी व्यक्तिगत आय बढ़ी है, बल्कि उनके द्वारा संचालित कंपनियों का टर्नओवर करोड़ों में पहुँच गया है। संगीता की कंपनी ने अब तक 6.03 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जहाँ ग्रामीण महिलाएं तकनीक का नेतृत्व कर रही हैं। प्रकाश/06 जनवरी 2026