ज़रा हटके
07-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भागदौड भरी जिंदगी में आजकल लोग सेहत को लेकर लापरवाह होते जा रहे हैं, इसका नतीजा यह होता है कि कई तरह के रोगों शिकार हो जाते हैं। आमतौर पर लोग कैल्शियम, विटामिन डी और बी12 पर ध्यान देते हैं, लेकिन शरीर के लिए बायोटिन यानी विटामिन बी7 भी उतना ही जरूरी है। यह विटामिन आपके बालों, त्वचा और नाखूनों को स्वस्थ रखने के साथ-साथ शरीर की ऊर्जा और मेटाबॉलिज़्म के लिए अहम है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में कुल आठ अलग-अलग विटामिन शामिल होते हैं: थायमिन (बी1), राइबोफ्लेविन (बी2), नियासिन (बी3), पैंटोथेनिक एसिड (बी5), पाइरिडोक्सिन (बी6), बायोटिन (बी7), फोलिक एसिड (बी9) और कोबालामिन (बी12)। ये विटामिन वसा और पानी में घुलनशील होते हैं और शरीर की तंत्रिकाओं को सही ढंग से काम करने में मदद करते हैं। इनमें से बायोटिन की कमी लंबे समय में गंभीर प्रभाव डाल सकती है। इसके अभाव में बाल झड़ने लगते हैं, नाखून कमजोर हो जाते हैं, त्वचा रूखी और झुर्रियों वाली नजर आती है, और मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है। इसे अक्सर शरीर का ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि इसकी कमी धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर देती है। विटामिन बी7 शरीर में प्राकृतिक रूप से नहीं बनता, इसलिए इसे रोजाना आहार के माध्यम से लेना जरूरी है। आयुर्वेद में बायोटिन को धातु-पोषण सहायक और त्वचा, बाल और नाखूनों को मजबूत करने वाला माना गया है। यह मेटाबॉलिज़्म को बेहतर बनाकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। बायोटिन कार्बोहाइड्रेट को ऊर्जा में बदलता है, जिससे शरीर के सभी अंगों को काम करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा मिलती है। यह अमीनो एसिड को सही ढंग से काम करने में मदद करता है, जिससे कोशिकाओं का विकास और मरम्मत प्रभावी ढंग से होती है। अगर रोजाना पर्याप्त बायोटिन नहीं मिलता, तो शरीर थका-सा महसूस करता है और समय से पहले बुढ़ापा भी आ सकता है। बायोटिन की पूर्ति के लिए कुछ खास खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल किया जा सकता है। इनमें बादाम, ब्रोकली, शकरकंद, सूरजमुखी के बीज, ओट्स, मूंगफली, मशरूम, पालक और सोयाबीन प्रमुख हैं। इनका नियमित सेवन शरीर में विटामिन बी7 की कमी को पूरा करता है और स्वास्थ्य, त्वचा और बालों को मजबूती देता है। समग्र रूप से देखा जाए तो बायोटिन का नियमित सेवन शारीरिक ऊर्जा और मेटाबॉलिज़्म को बनाए रखता है। सुदामा/ईएमएस 07 जनवरी 2026