व्यापार
07-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। आर्थिक मामलों के विभाग ने तीन वर्षों की सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजना पाइपलाइन तैयार की है, जिसकी घोषणा बजट 2025-26 में की गई थी। वित्त मंत्रालय ने बताया कि इस पाइपलाइन में कुल 852 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कुल लागत 17 लाख करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य देश में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देना है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह पाइपलाइन निवेशकों, डेवलपर्स और अन्य हितधारकों को संभावित पीपीपी परियोजनाओं की शुरुआती दृश्यता प्रदान करती है। इससे बेहतर योजना बनाने और सोच-समझकर निवेश निर्णय लेने में मदद मिलेगी। कुल परियोजनाओं में से 232 परियोजनाएं केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से संबंधित हैं, जबकि 630 परियोजनाएं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की हैं। केंद्रीय स्तर पर ऊर्जा, परिवहन व लॉजिस्टिक्स तथा जल व स्वच्छता प्रमुख क्षेत्र हैं। राज्यों की परियोजना पाइपलाइन में सामाजिक और वाणिज्यिक आधारभूत ढांचा भी शामिल किया गया है। केंद्रीय मंत्रालयों में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के पास सबसे अधिक 108 परियोजनाएं हैं, जिनकी लागत 8.77 लाख करोड़ रुपये है। विद्युत मंत्रालय 48 परियोजनाओं और 3.4 लाख करोड़ रुपये की लागत के साथ दूसरे स्थान पर है। राज्यों में आंध्र प्रदेश 270 परियोजनाओं और 1.16 लाख करोड़ रुपये की लागत के साथ सबसे आगे है, जबकि उत्तर प्रदेश में 89 परियोजनाओं की पाइपलाइन है, जिसकी लागत 11,518 करोड़ रुपये है। सतीश मोरे/07जनवरी ---