राज्य
07-Jan-2026
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- वीबी-जी रामजी योजना वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार कर गांवों को बनाएगी समृद्ध - वीबी-जी रामजी योजना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी, मनरेगा में मिलता था सिर्फ 100 दिन का काम - ग्रामीण क्षेत्र के समुचित विकास में मील का पत्थर साबित होगी वीबी-जी रामजी योजना - प्रधानमंत्री जी ने 35 हजार करोड़ से 95 हजार करोड़ कर योजना का बजट करीब तीन गुना बढ़ाया - कृषि वर्ष 2026 में कृषि को उद्योग और रोजगार से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाएगी सरकार - कृषि वर्ष में वीबी-जी रामजी योजना से कृषि आधारित उद्योगों को मिलेगा नया विस्तार - महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को मोदी जी जमीन पर उतार रहे हैं - 15 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना से खेती बनेगी रोजगार और उद्योग का सशक्त माध्यम - योजना सुधार प्रक्रिया का एक हिस्सा है, कांग्रेस को विरोध की बजाय तथ्यात्मक बात करनी चाहिए - डॉ. मोहन यादव - ‘विकसित भारत‘ संकल्प को धरातल पर उतारने वाला मिशन बनेगी वीबी-जी रामजी योजना - वीबी-जी रामजी योजना से गांवों में अधोसंरचना का होगा विकास, आएगी विकास की क्रांति - कांग्रेस वीबी-जी रामजी योजना को लेकर भ्रम फैलाकर ग्रामीणों को गुमराह कर रही - श्री हेमंत खण्डेलवाल भोपाल (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में वीबी-जी रामजी योजना को लेकर पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतिफल है वीबी-जी रामजी जी योजना। प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी सोच से आज दुनिया भारत की ओर देख रही हैं। वीबी-जी रामजी योजना वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार कर गांवों को समृद्ध बनाएगी। इस योजना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी है, जबकि मनरेगा में सिर्फ 100 दिन काम मिलता था। यह योजना ग्रामीण क्षेत्र के समुचित विकास में मील का पत्थर साबित होगी। कांग्रेस के शासनकाल में इस योजना में 35 हजार करोड़ मिलते थे, जिसे बढ़ाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 74 हजार करोड़ किया और अब सुधारों के साथ लागू की जा रही इस योजना का बजट बढ़ाकर 95 हजार करोड़ कर दिया है। बजट में यह बढ़ोत्तरी कांग्रेस के शासनकाल के समय से लगभग तीन गुना अधिक है। प्रधानमंत्री जी महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को जमीन पर उतार रहे हैं। कृषि वर्ष 2026 में कृषि को उद्योग और रोजगार से जोड़कर सरकार किसानों की आय बढ़ाने का कार्य करेगी। कृषि वर्ष में वीबी-जी रामजी योजना से कृषि आधारित उद्योगों को नया विस्तार मिलेगा। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार 15 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना बनाकर कृषि को रोजगार और उद्योग का सशक्त माध्यम बनाएगी। यह सुधार प्रक्रिया का एक हिस्सा है, कांग्रेस को इस योजना का विरोध की बजाय तथ्यात्मक बात करनी चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि वीबी-जी रामजी अधिनियम से गांवों में अधोसंरचना का विकास होगा और विकास की नई क्रांति आएगी। वीबी-जी रामजी योजना में गरीबों, मजदूरों को अब 100 दिन के बजाय बजाय 125 दिन मजदूरी मिलेगी। कांग्रेस योजना को लेकर भ्रम फैलाकर ग्रामीणों को गुमराह कर रही है। इस योजना में पंचायतों को भी कार्य करने का अधिकार दिया गया है। यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत” संकल्प को धरातल पर उतारने वाला राष्ट्रीय स्तर का मिशन है। अधोसंरचना के स्थाई निर्माण के साथ आजीविका का दायरा भी बढ़ाया गया है- डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार मानता हूं कि उन्होंने महात्मा गांधी नरेगा योजना को आवश्यकता के अनुरूप सुधार करके देश भर में लागू किया है। इस योजना को लेकर छह माह में राज्य सरकारों को अधिसूचित करने की प्रक्रिया पूरी करनी है। अब मजदूरों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी निश्चित रूप से रोजगार को बढ़ावा देने वाला है। कौशल और उद्यमिता के साथ इस योजना को जोड़कर रोजगार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सुधारों के साथ लागू की जा रही नई योजना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब वर्ष में कभी भी मजदूरी प्राप्त कर सकते हैं। केंद्र सरकार 60 और राज्य सरकार 40 प्रतिशत की राशि वहन करेगी। कई मामलों में पहले केंद्र सरकार ही निर्णय लेता था, लेकिन अब राज्य सरकारें भी गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों के समुचित विकास को ध्यान में रखकर कार्यों को शामिल कर सकते हैं। नरेगा में विद्यालय भवन, पुस्तकालय, कोल्ड स्टोरेज, ग्रामीण पार्किंग, सौर ऊर्जा, नवकरणीय ऊजा, जैविक खाद इकाई, बाढ़ आश्रय स्थल, आपदा में क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत, जल जीवन मिशन के कार्यों में सुधार एवं रखरखाव जैसे कार्य शामिल नहीं थे। नई योजना में यह सभी कार्य शामिल किए गए हैं। जैविक खाद निर्माण इकाइयां, पशुपालन, मुर्गी-पालन शेड, मत्स्य पालन संबंधी निर्माण कार्यां, नर्सरी निर्माण, भवन-निर्माण सामग्री उत्पादन इकाई निर्माण का प्रावधान भी ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आजीविका को बढ़ाने के लिए किया गया है। योजना में पारदर्शिता को और बढ़ाने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना में और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए होने वाले कार्यों की जियो-टैगिंग, डिजिटल रिकॉर्डिंग एवं सूचना प्रबंधन प्रणाली तथा नियोजित सभी श्रमिकों को त्वरित एवं उचित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल तथा बायोमेट्रिक भुगतान प्रणाली का प्रावधान किया गया है। पारदर्शिता के लिए ग्राम-सभा द्वारा सोशल ऑडिट भी कराने का प्रावधान है। नई योजना में पंचायतीराज संस्थाओं जैसे ग्राम सभा, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला पंचायत तथा राज्य परिषद को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। श्रीमिकों का पंजीकरण करने, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने तथा कार्यों की प्राथमिकता के आधार पर कम से कम 50 प्रतिशत कार्यों के निष्पादन की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। भौगोलिक स्थिति, नगरीकरकण की दिशा में प्रगति जैसी बातों को योजना निर्माण के दौरान ध्यान में रखा जाएगा। नई योजना से जनकल्याणकारी कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार को कानूनी अधिकार बनाया गया है, काम नहीं तो बेरोजगारी भत्ता मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना में प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को न्यूनतम 125 दिन रोजगार या आजीविका का अवसर वैधानिक अधिकार है। महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातियों, खानाबदोस, महिला मुखिया परिवार, दिव्यांग मुखिया परिवार, छोटे व सीमांत किसानों के लिए भी रोजगार का प्रावधान किया गया है। अकुशल शारीरिक कार्यों की मजदूरी दरें केंद्र सरकार तय करेगी। यदि किसी ग्रामीण परिवार को मांग प्रस्तुत करने के पश्चात निर्धारित समय-सीमा में रोजगार नहीं मिलता तो निर्धारित दरों एवं शर्तों के अनुसार बेरोजगारी भत्ता का भी प्रावधान किया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों के आजीविका के लिए प्रशिक्षण सह कौशल विकास केंद्र तथा वर्क-शेड, ग्रामीण-हाट अवसंरचना निर्माण के द्वारा आजीविका और उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रावधान भी किया गया है। नई योजना में ग्रामीण सड़क, भूमिगत बांध, पुल-पुलिया, पंचायत भवन भी बनाए जा सकेंगे। कभी भी मजदूरी प्राप्त कर सकते हैं मजदूर, राज्य 60 दिन कर सकते हैं अधिसूचित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा पात्र मजदूरों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी देता है, जबकि नई योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। पुरानी योजना में वर्ष में कभी भी मजदूरी प्राप्त किया जा सकता है, जबकि नई योजना में कृषि के व्यस्ततम समय जैसे बुवाई, कटाई के दौरान पर्याप्त कृषि श्रमिकों की उपलब्धता को भी सुनिश्चित किया गया है। नई योजना में राज्यों को 60 दिन अधिसूचित करने का प्रावधान है, जिसके अंतर्गत फसलों की बुवाई, कटाई के समय को सम्मिलित कर खेती के लिए मजदूरों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा सकेगी। इस तरह 125 दिन के साथ मजदूरों को 60 दिन खेती किसानी में भी कार्य करने के लिए मिलेंगे। नई योजना में मजदूरी समय पर देने का प्रावधान किया गया है। 15 विभागों की एक कार्ययोजना बनाकर हर गरीब, मजदूर की जिंदगी बेहतर बनाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया है। वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। अब नए साल में 15 विभागों की एक कार्ययोजना बनाकर कृषि को उद्योग और रोजगार से जोड़कर कार्य किया जाएगा। मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर बहुत अधिक है। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार कृषि आधारित उद्योग जैसे एग्रिकल्चर फूड इंडस्ट्रीज, खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध उत्पादन, मछली उत्पादन, कुक्कुट पालन जैसे कार्यों को वीबी-जी रामजी योजना से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। कृषि आधारित लघु एवं कुटीर उद्योगों को और बढ़ावा देने के साथ नवाचार करके किसानों की आय को बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया जाएगा। मैं यह पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बनाई गई वीबी-जी रामजी योजना दूरदर्शी सोच के साथ मध्यप्रदेश और देश के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। वीबी-जी रामजी योजना में राज्य सरकार और ग्राम पंचायत के हिसाब से कार्य होंगे - हेमंत खण्डेलवाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी रामजी एक ऐसी योजना है जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास में क्रांति लाएगी। अब मजदूरों को 100 दिन के बजाए 125 दिन मजूदरी मिलेगी। नई योजना में रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में मजदूरी भत्ते का भी जिक्र किया गया है, लेकिन कांग्रेस भ्रम फैलाकर ग्रामीणों को गमुराह कर रही है। नई योजना में ग्राम पंचायतों को परिवार का पंजीयन और रोजगार गारंटी का अधिकार दिया गया है। पंचायत और राज्य सरकार जो चाहती है वह सब काम नई योजना में हो सकेंगे। 50 प्रतिशत कार्यों को करने का अधिकार हमारी ग्राम पंचायतों को रहेगा। जब फसलों की बोवनी व कटाई का समय रहता है, तब वीबी-जी रामजी योजना को कुछ दिनों के लिए बंद कर काम को आगे बढ़ाकर खेती के लिए मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जा सकेगी। इससे मजदूरों को नई योजना में 125 दिन के साथ करीब 60 दिन का रोजगार खेतों में मिल सकता है। इससे किसानों को भी मजदूरों की समस्या नहीं होगी। बाकी के दिनों में मजदूर कार्य जारी रहेंगे। इसके माध्यम से गांवों में अधोसंरचना का विकास होगा और गांवों के हिसाब से विकास होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महात्मा गांधी की इसी परिकल्पना को साकार करने के लिए वीबी-जी रामजी योजना का मार्ग प्रशस्त किया है। वीबी-जी रामजी योजना, भारतीय जनता पार्टी की मूल विचारधारा- अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के साधन, रूकेगा पलायन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि पहली बार ग्रामीण रोजगार को अस्थायी सहायता से आगे बढ़ाकर गारंटी आधारित आजीविका का स्वरूप दिया गया है। वीबी-जी रामजी से ग्रामीण क्षेत्रों में ही रोजगार उपलब्ध होगा, जिससे पलायन रुकेगा और परिवार एकजुट रहेंगे। गांवों में ही मजदूर उपलब्ध होने से खेती में श्रमिक संकट समाप्त होगा और किसान और अधिक आत्मनिर्भर बनेंगे। वीबी-जी रामजी योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। मजदूरों की आय गांव में ही रहने से स्थानीय बाजार, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वीबी-जी रामजी योजना से किसान, मजदूर और गांव, तीनों को लाभ मिलेगा। यह योजना समाज के अंतिम पायदान पर खड़े मजदूरों और किसानों को आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी। महात्मा गांधी कहते थे कि भारत गांवों में बसता है। भारत का विकास करना है तो गांवों का विकास करना होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महात्मा गांधी की उसी परिकल्पना को साकार करने के लिए वीबी-जी रामजी योजना बनाई है। मजदूरों को गांव में रोजगार मिलने से आय गांव में ही रहेगी, जिससे स्थानीय बाजार और अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। भाजपा सरकार की नीतियों के अनुरूप, योजना में पारदर्शिता, समयबद्ध क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक सीधा लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। पत्रकार-वार्ता के दौरान प्रदेश शासन के मंत्री प्रहलाद पटेल, विश्वास सारंग, एंदल सिंह कंषाना, लखन पटेल, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल मंचासीन रहे। हरि प्रसाद पाल / 07 जनवरी, 2026