राज्य
07-Jan-2026
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:: प्रशासन ने तैनात कीं 24 घंटे एम्बुलेंस, निजी अस्पतालों में भी नि:शुल्क इलाज के निर्देश; 56 मरीज अब भी भर्ती :: इन्दौर (ईएमएस)। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से फैली बीमारी के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्रों में सघन मोर्चा संभाला। इस दौरान अस्पतालों से डिस्चार्ज होकर घर लौटे 189 मरीजों का स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने फॉलोअप लिया और उनकी वर्तमान स्थिति की जांच की। साथ ही, संक्रमण को रोकने के लिए घरों में ओआरएस और जिंक के 686 किट वितरित किए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव हासानी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें न केवल उपचार कर रही हैं, बल्कि नागरिकों को जागरूक भी कर रही हैं। क्षेत्र में मेगा माइकिंग के जरिए लोगों को ओआरएस बनाने की विधि, हाथ धोने के सही तरीके और उल्टी-दस्त से बचाव की जानकारी दी जा रही है। विशेष रूप से नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि पाइप लाइनों की सफाई के उद्देश्य से छोड़े जा रहे नर्मदा जल का उपयोग आगामी सूचना तक बिल्कुल न करें। :: इलाज के लिए पुख्ता बंदोबस्त :: कलेक्टर के आदेश पर भागीरथपुरा क्षेत्र में 24 घंटे दो एम्बुलेंस तैनात कर दी गई हैं, साथ ही डॉक्टरों की टीम भी राउंड द क्लॉक ड्यूटी पर है। गंभीर मरीजों को एमवाय अस्पताल, अरबिंदो और बच्चों को चाचा नेहरू अस्पताल रेफर किया जा रहा है। सीएमएचओ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई मरीज निजी अस्पताल में इलाज करवा रहा है, तो वहां भी उससे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा; निजी केंद्रों को नि:शुल्क जांच और दवाएं उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। :: वर्तमान स्थिति : 9 मरीज आईसीयू में :: स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल विभिन्न अस्पतालों में कुल 56 मरीज उपचाराधीन हैं। इनमें से 9 मरीजों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है। विभाग की टीमें लगातार वार्डों और बस्तियों में सर्वे कर रही हैं ताकि किसी भी नए मरीज को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके। प्रचार-प्रसार सामग्री के माध्यम से भी उपचार संबंधी सामान्य संदेश घर-घर पहुँचाए जा रहे हैं। प्रकाश/07 जनवरी 2026