कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिलान्तर्गत 7 जनवरी बुधवार को कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कटघोरा, कोरबा के अधिष्ठाता डॉ. एस.एस. पोर्ते के मार्गदर्शन में कृषि महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. तरुण कुर्रे, डॉ. योगिता कश्यप एवं डॉ. साधना साहा के नेतृत्व में छात्रों ने ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के अंतर्गत कटघोरा स्थित विश्वकर्मा इंडस्ट्री का औद्योगिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विश्वकर्मा इंडस्ट्री के संचालक भीम शर्मा ने छात्रों को उद्योग की कार्यप्रणाली, मशीन निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण एवं बिक्री उपरांत सेवा प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्री विश्वकर्मा इंजीनियरिंग वर्क्स फ्लोर मिल प्लांट एवं राइस मिल प्लांट मशीनरी निर्माण के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित एवं विश्वसनीय नाम है। उन्होंने बताया कि उद्योग में निर्मित सभी मशीनें एवं उनके पुर्जे कड़े परीक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण के बाद ही सप्लाई किए जाते हैं। मशीनों में उच्च गुणवत्ता वाले कास्ट आयरन, कार्बन स्टील शाफ्ट एवं आईएसआई मार्का बैरिंग का उपयोग किया जाता है, जिससे मशीनें लंबे समय तक बिना किसी तकनीकी बाधा के कार्यरत रहती हैं। साथ ही बिक्री उपरांत सेवा एवं आवश्यक कलपुर्जों की त्वरित आपूर्ति भी की जाती है। फैक्ट्री द्वारा सप्लाई किए जाने वाले प्लांट पूर्ण रूप से आधुनिक पैटर्न पर आधारित होते हैं, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त मशीनें लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उद्योग के इंजीनियरों द्वारा निरंतर अनुसंधान एवं विकास कार्य किया जा रहा है, ताकि मशीनों में समयानुसार तकनीकी सुधार एवं आधुनिकता का समावेश किया जा सके। बेहतर कार्यक्षमता एवं अधिक सर्विस लाइफ के लिए बैरिंग एवं शाफ्ट में प्रयुक्त कोन और पुल्ली को कंप्यूटर बैलेंसिंग के माध्यम से तैयार किया जाता है। भ्रमण के दौरान छात्रों को पैडी क्लीनर, मॉडर्न टाइप सेपरेटर, अमरी रोल पॉलिशर, जेड-सेल पॉलिशर, प्लांट शिफ्टर, व्हाइटनर, रबर शेलर वी-बेल्ट मॉडल, एलीवेटर, राइस चलना पंखा, राइस ब्रान कोधा चलना एवं डस्ट ब्लोअर सहित विभिन्न आधुनिक मशीनों की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया।इस औद्योगिक भ्रमण से छात्रों को कृषि आधारित उद्योगों में प्रयुक्त आधुनिक मशीनों की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला। सैद्धांतिक अध्ययन के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होने से छात्रों की तकनीकी समझ में वृद्धि हुई। यह भ्रमण छात्रों को भविष्य में कृषि यंत्रीकरण, कृषि उद्योग एवं स्वरोजगार की संभावनाओं से जोड़ने में सहायक सिद्ध हुआ। 08 जनवरी / मित्तल