नई दिल्ली (ईएमएस)। अक्सर लोग सोचते हैं कि सालों तक इस्तेमाल न होने पर बैंक खाते का पैसा खत्म हो जाता है। लेकिन वास्तविकता में जमा राशि सुरक्षित रहती है और उसे अनक्लेम्ड डिपॉजिट में दर्ज किया जाता है। ऐसे पैसे को खाताधारक या उनके वारिस कभी भी क्लेम कर सकते हैं। आरबीआई ने इस समस्या को आसान बनाने के लिए अनक्लेम्ड डिपाजिट गेटवे टू एसेस इंफारमेशन (यूडीजीएएम) पोर्टल लॉन्च किया है। अब अलग-अलग बैंकों की शाखाओं में जाने की बजाय घर बैठे यह पता लगाया जा सकता है कि आपके या परिवार के नाम पर कोई राशि अनक्लेम्ड है या नहीं। पोर्टल पर नाम, जन्मतिथि जैसी जानकारी भरें। पुराने रिकॉर्ड में नाम अलग तरीके से दर्ज हो सकता है, इसलिए अलग-अलग स्पेलिंग से सर्च करना बेहतर होता है। अगर पोर्टल पर एंट्री मिलती है, तो बैंक से संपर्क करें। खाताधारक आसानी से क्लेम कर सकता है। कानूनी वारिस के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों की जरूरत होती है। 10 साल बाद भी पैसा आरबीआई के डीईएएफ में ट्रांसफर होने के बाद क्लेम किया जा सकता है। सतीश मोरे/10जनवरी ---