क्षेत्रीय
10-Jan-2026


हनुमान मंदिर में दीप प्रज्वलित कर ट्रांसफर की लगाई गुहार छिंदवाड़ा (ईएमएस)। हर्रई विकासखंड में प्रभारी बीईओ प्रकाश कालंबे को हटाने की मांग को लेकर शिक्षकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बीते 15 दिनों से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे शिक्षकों ने अब प्रशासनिक नहीं, बल्कि धार्मिक प्रतीक के माध्यम से अपनी पीड़ा और आक्रोश जाहिर किया है। शनिवार को बड़ी संख्या में शिक्षक हर्रई स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां दीप प्रज्वलित कर बीते 15 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश कालंबे को हटाने की प्रार्थना की गई। इस दौरान कुछ शिक्षकों ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी किया। शिक्षकों का आरोप है कि प्रभारी बीईओ की कार्यशैली से शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। वर्षों से स्थानांतरण, भुगतान, निरीक्षण और प्रशासनिक निर्णयों में मनमानी और भ्रष्टाचार हो रहा है, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद शासन-प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। शिक्षकों का कहना है कि जब संवैधानिक और प्रशासनिक रास्तों से न्याय नहीं मिला, तो अब उन्हें भगवान के दरबार में गुहार लगानी पड़ रही है। आक्रोश में बदलती जा रही लड़ाई शिक्षकों ने साफ कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। उनका कहना है कि यदि 15 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारी पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं होती और उन्हें तत्काल हटाया नहीं जाता, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। इधर फिर एक सेवानिवृत शिक्षक ने दर्द किया बयां : एरियर्स और डीए राशि के लिए 5 साल से काट रहे चक्कर हर्रई विकासखंड में सेवानिवृत्त शिक्षकों की पीड़ा थमने का नाम नहीं ले रही है। एक के बाद एक मामले सामने आने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। ताजा मामला शासकीय प्राथमिक शाला कोटरा, संकुल हर्रई से जुड़ा है, जहां पदस्थ रहे सेवानिवृत्त शिक्षक महेश प्रसाद डेहरिया पिछले पांच वर्षों से सातवें वेतनमान की एरियर्स राशि और डीए के भुगतान के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी वैधानिक देयकों का भुगतान न होने से शिक्षक मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुके हैं। बार-बार आवेदन देने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद आज तक उनके प्रकरण का निराकरण नहीं हो सका है। प्रशासन से न्याय की गुहार पीडि़त सेवानिवृत्त शिक्षक महेश प्रसाद ने अब जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों तक ईमानदारी से सेवा देने के बाद भी यदि अपने हक की राशि के लिए इस तरह भटकना पड़े, तो यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। हर्रई विकासखंड में सेवानिवृत्त शिक्षकों के एरियर्स, डीए और अन्य देयकों को लेकर यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई शिक्षक वर्षों से अपने भुगतान के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। ईएमएस/मोहने/ 10 जनवरी 2026