राज्य
10-Jan-2026


:: वास्तविक छुपाने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त, बगीचों में लगे स्टेशनों को शिफ्ट करने का आदेश :: इंदौर (ईएमएस)। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में वायु प्रदूषण के आंकड़ों में कथित हेरफेर का मामला गरमा गया है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इंदौर नगर निगम को शहर के स्वचालित वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों को तत्काल बंद कर उन्हें नए स्थानों पर स्थानांतरित करने का कड़ा निर्देश दिया है। बोर्ड की ऑडिट रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये स्टेशन वास्तविक प्रदूषण वाले क्षेत्रों के बजाय बगीचों और घने पेड़ों के बीच लगाए गए थे। बोर्ड के निरीक्षण में पाया गया कि रीजनल पार्क, बिजासन पहाड़ी और रेजिडेंसी पार्क जैसे स्थानों पर लगे स्टेशन तकनीकी मानकों का घोर उल्लंघन कर रहे थे। पेड़ों और हरियाली के बीच होने के कारण ये स्टेशन शहर की वास्तविक हवा के बजाय केवल शुद्ध हवा का डेटा रिकॉर्ड कर रहे थे, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर वास्तविक से काफी कम और भ्रामक दिखाई दे रहा था। :: तकनीकी धांधली उजागर :: निरीक्षण के दौरान केवल स्थान का चयन ही गलत नहीं पाया गया, बल्कि रखरखाव में भी भारी चूक मिली : एक्सपायर्ड सिलेंडर : वेंडर द्वारा उपकरणों के कैलिब्रेशन के लिए समय-सीमा समाप्त गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा था। पुराने फिल्टर : स्टेशनों पर नई रिबन के बजाय पुरानी फिल्टर रिबन का ही दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा था। :: पब्लिक पोर्टल से हटेगा पुराना डेटा :: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन स्टेशनों के भ्रामक डेटा को सार्वजनिक पोर्टल से तत्काल हटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही, लापरवाही बरतने वाली निजी एजेंसी पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश निगम को दिए गए हैं। :: अब हॉटस्पॉट्स पर होगी निगरानी :: जनता को प्रदूषण की सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब इन स्टेशनों को शहर के उन व्यस्त और अधिक ट्रैफिक वाले क्षेत्रों (हॉटस्पॉट्स) में लगाया जाएगा, जहाँ वायु प्रदूषण का स्तर अधिक रहता है। प्रकाश/10 जनवरी 2026