लेख
11-Jan-2026
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विश्व में अराजकता का बोलबाला वीभत्स घटनाऐं का प्रयोग। विश्व में अशांति का बोलबाला, पश्चिम देशों में युद्ध की आशा उलट-पलट प्राकृतिक प्रकोप होगा। यं ब्रम्ह वेदान्त विदो वदन्ति। परम प्रधानं पुरुषं तथान्ये । विश्योत गते कारण मीशरवां । तस्मैं नमो विघ्न विनाशनाय । राजा गुरु मंत्री मंगल फोटो श्री शुभ संवत 2083 का प्रारंभ 19 मार्च 2026, गुरुवार प्रातः 6.52 मिनिट पर मीन लग्न में हो रहा है। लग्न का स्वामी गुरू सुख स्थान में बैठकर शत्रु की राशि में बैठकर लग्न में चार ग्रह मिला जुला परिणाम देते हैं। युद्ध के देवता मंगल राहु के साथ 12वें स्थान में बैठकर बाहरी देशों में भयंकर मारकाट का संकेत दे रहे हैं। मंगल इस वर्ष मंत्री का पद पाकर समाज, देश में अस्थिरता को जन्म दे रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप संसार में अराजकता की स्थिति बनेगी। देश-विदेश में चल रहे युद्ध के परिणाम में कोई हल नहीं निकलेगा, दो महाशक्तियों में टकराव होगा। 2. वर्ष प्रवेश कुण्डली में व्यय भाव में राहू, मंगल का योग अंगराक योग का योग है जो महा अनिष्ट कारक है। संसार में प्राकृतिक प्रकोप, भूकम्प, सुनामी, चक्रवाती तूफान, महामारी फैलने के अनेक देशों में प्रजा को कष्ट उठाना पड़ेंगे। गत वर्षों की भांति रोग जैसी कोई नई संक्रामक बीमारी फैलाने किसी शत्रु देश की विरोधियों को साजिश रचने का प्रयास करेगा। अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर भारत तथा उसके उत्पादकों का बहिष्कार करना भारत के सम्मान में अतिरिक्त टैक्स थोपना, भारत को अंर्तराष्ट्रीय बिरादरी में अछूत बनाने का प्रयास दुश्मन देश द्वारा किया जा सकता है। भारत का प्रधान नेता समस्याओं से निपटने के उपाय सक्रिय सक्षम हो जायेंगे। शौर्य वर्ष लग्न चक्र में मेष का शुक्र कृषि कार्यों में हानि का सूचक है। कृषि उत्पादन में कमी से सभी खाद्य पदार्थों में मंहगाई होगी। आवश्यक वस्तुओं को मिलना कठिन होगा, पशुओं में रोग होगा. तथा दूध की कमी होगी। मंगल, शनि, एक साथ होने से अधिक वर्षा में कमी, पहाड़ी क्षेत्रों भूस्खलन, झंझावात, रास्तों में बाधाओं का सामना करना पड़ेगा। पहाड़ों का टूटना कष्ट का कारण होगा। बिहार, उत्तरप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में बाढ़ का तांडव देखने को मिलेगा। शनि मंगल का योग इन्हीं देशों में युद्ध जैसी स्थितियों का निर्माण करेगा। काश्मीर, पंजाब के क्षेत्रों में पहाड़ी देशों द्वारा अशांति फैलाने का षडयंत्र रचा जायेगा। स्थानीय लोगों को भड़काने का, शस्त्र उठाने का दुष्कर्म रचा जायेगा। चीन जैसे देश अपने-अपने हरकतों से बाज नहीं आयेंगे और भारत के किसी हिस्से पर कब्जे पर प्रयास सैनिकों की सहायता से करने की कोशिश करेगा। आत्मा कारक सूर्य लाभ के स्थान में बैठकर रोजगार में वृद्धि करेगा, चन्द्र, राहू के योग से नारी अत्याचार के विरूद्ध अत्याचार बढ़ेगा। असामाजिक तत्व, छेड़छाड़, हत्या, बलात्कार, जबरन प्रताड़ित करने का प्रयास करेंगे। परिवारों में आपसी कलह बढेगा। इस वर्ष शनि की क्रूर दृष्टि पूर्व उत्तर के क्षेत्र में पड़ रही है। जो कष्टों का अनुभव करायेगी । शनिश्चर, कृमात्पश्त, तत्वदेशान प्रदीयतै, दुर्भिक्ष देश भंगश्चै विग्रहै राज विंदाचरै । उत्तरी प्रदेश देशों में भयंकर भूखनन, भूकम्प, आंधी-तूफान, बंवडर दिगदाह, ज्वालामुखी, विस्फोट, बादल फाड़ वर्षा, बाढ़ से कहीं समुद्र में तूफान, सुनामी, भारी हिमपात, जानलेवा सिद्ध होगा। चोरी डकैती, सामाजिक दंगे में जन-धन की हानि का योग है। कल-कारखानों में कर्मी में उपद्रव से उत्पादन में भारी गिरावट का सामना करना पड़ेगा। मंहगाई बढ़ती है, जनता भटकती है, कहीं अकाल जैसी स्थितियां बन सकती है। कृषि कार्यों में मानव जनित कार्यों से व्यवधान उत्पन्न होगा। उत्पादन की कमी से भुखमरी जैसे हालात पैदा होंगे। किसी देश में तखतापलट, सरकार को अपदस्त किया जाता है। पशुओं में रोग होगा, दूध की कमी होगी, मंगल-शनि एक साथ होने से अधिक वर्षा में पहाडी क्षेत्रों में भूस्खलन, झंझावात, रास्तों में बाधाओं का सामना करना पड़ेगा, पहाड़ों का टूटना कष्ट का कारण होगा। बिहार, उत्तरप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में बाढ़ का ताडंव देखने को मिलेगा। शनि मंगल का योग किन्हीं देशों में युद्ध जैसी स्थिति का निर्माण करेगा। काश्मीर पंजाब के क्षेत्रों में पड़ोसी देशों द्वारा अशांति फैलाने का षडयंत्र रचा जायेगा। स्थानीय लोगों को भड़काने में, शस्त्र उठाने का दुष्कर्म रचा जायेगा। चीन जैसे देश अपनी-अपनी हरकतों से बाज नहीं आयेंगे और भारत के किसी हिस्से पर कब्जे का प्रयास सैनिक सहायता से करने की कोशिश करेंगे। किन्तु आत्मा कारक सूर्य लाभ के स्थान में बैठकर रोजगार में वृद्धि करेगा। चन्द्र, राहू के योग में सौरजगत चक्र में नारी अत्याचार के विरूद्ध अत्याचार बढ़ेंगे, असामाजिक तत्त्व, छेड़छाड़, हत्या, बलात्कार, जबरन प्रताड़ित करने का प्रयास करेंगे। परिवारों में आपसी कलह बढ़ेगा। इस वर्ष शनि की क्रूर दृष्टि पूर्व तथा उत्तर के क्षेत्र में पड़ रही है, जो कष्टों का अनुभव करायेगी। 3. बिडम्बरे, उत्तरी प्रदेश, देशों में राष्ट्रों में भयंकर भूस्खलन, भूकम्प, आधी तूफान, ज्वालामुखी विस्फोट, बादल फाड़ वर्षा, बाढ़ से कहीं समुद्र में तूफान, भारी हिमपात जानलेबा सिद्ध होगा। चोरी, डकैती, सामाजिक दंगे में जन-हानि का योग है। कल-कारखानों में श्रमिकों में उपद्रव से उत्पादन में भारी गिरावट का सामना करना पड़ेगा। मंहगाई बढ़ती है. जनता भटकती है. कहीं अकाल जैसी स्थितियों बम विस्फोट होगा, कृषि कार्यों में मानव जनि व्यवधान उत्पन्न होगा। उत्पादन से कमी में भुखमरी जैसे हालात पैदा होगे, देश का तख्ता पलट, किसी देश की सरकार को अपदस्त किया जाता है। मुस्लिम राष्ट्र का चक्र फोटो इस्लामिक वर्ष 1948 का आरंभ 17 जून 2026 को धनु लग्न में हो रहा है। लग्नेश गुरू अष्टम भाव में विराज मान है। अतः मुस्लिम रास्ट्रों पर अचानक कोई देश हमला कर सकता है। देश गुरू बृहस्पति तथा राक्षस गुरु शुक्राचार्य एक साथ एक राशि में अष्टम भाव कर्क राशि में, शुक्र, गुरू एक राशि में बैठे होने से परस्पर कलह का वातावरण उत्पन्न होगा। देश-विदेश में दोनों समुदायों के बीच जमकर मारपीट की घटनायें होंगी। ईशा-मूषा की लड़ाई विश्वयुद्ध का रूप धारण कर महा विनाश की लीला रचेगी। सभी मुस्लिम देश एक जुट होने के लिये कोई एक सैनिक संगठन का निर्माण करेंगे। पंचम भाव का मंगल स्वग्रही होने से कोई राष्ट्र ताकतवर बनकर उभरेगा। कोई मुस्लिम राष्ट्र परमाणु शक्ति सम्पन्न होने की सार्वजनिक घोषणा भी कर सकता है। खाड़ी के देशों में भय का वातावरण बनेगा, वे अपने प्राकृतिक मूल्यों में कैसे संसाधन मूल्यों अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि कर संसार को आश्चर्यचकित करेंगे। सभी मुस्लिम राष्ट्र मिलकर नये देश में संगठित रूप में धर्म परिवर्तन का दुष्चक्र रचेंगे। मुस्लिम धर्म के उत्थान के लिये सरकार मदद करेगी। वर्ष प्रवेश लग्न चक्र में चतुरग्रही योग बना है। पिता-पुत्र एक साथ में राशि मे चलते वक्राचार धर्म विरोधी मर मिटें करते पापाचार ।। शनि-सूर्य एक साथ होने में लोगों में सद्भाव, सामाजिक की कमी अखरेगी। किसी प्रदेशों में दंगे, उत्पात, मार-माट मचने से रूण्ड-मुण्ड लुढ़कते नजर आयेंगे। सरकार को स्थितियों के नियंत्रण के लिये बल प्रयोग पर मजबूर होना पड़ेगा। हिन्दु-मुस्लिम की लड़ाई घटना में वृद्धि होगी। बरेली, मुजफ्फरनगर, अलीगढ, जयपुर, महाराष्ट्र तथा महाराष्ट्रों में तथा बंगाल में इस प्रकार की घटनाओं में वृद्धि होगी। मुसलमान अपने लिये अलग देश की मांग करेंगे। देश के संसाधनों पर पहला हक जमाने में नहीं चूकेंगे। कन्या पाप मीन सिंह, वृष, धनु से यदा वक्रगो, सोम मदो। पृथ्वी शांक क्रूर रूपा बहुरितु दलिता विग्रहा चैव पीड़ा। नेताओं में परस्पर विश्वासघात की कमी के फलस्वरूप सरकार पर संकट के बादल गहरायेंगे। सदन में नेताओं के बीच हाथा पाई. गाली-गलौंच. विरोध करने का अशोभनीय तरीका का प्रयोग। 4. भारत के यशस्वी, तेजस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की कुंडली दी जा रही है। इनकी कुन्डली में दशम् स्थान कर्म भाव में सिंह राशि में शुक्र, शनि बैठे हैं। अतः स्थान करो शनि। राज कार्य में दक्षता, दक्ष बना देता है। शनि इस वर्ष गोचर में मीन राशि में भ्रमण करेगा, जो अपना दुष्प्रभाव सप्तम एकादश तथा द्वितीय स्थान पर दिखायेगा। इस वर्ष मित्रों की संख्या में कमी होगी। कुछ कतरायेंगे यह भाव देखने को मिलेगा। मोदी की स्पष्ट नीतियों के परिणाम इस वर्ष कई राष्ट्राध्यक्ष धोखा भी दे सकते हैं। श्री प्रधानमंत्री मोदी जी का प्रभाव 26-27 में कुछ कम असर दिखायेगा। संसार के कुछ देश इनकी बात को मानने से इंकार भी कर देंगे। भारत सरकारी नीतियों पर भारत के भविष्य के अनुसार तो बनेगी परन्तु तत्कालिक रूप से देशवासियों को कुछ अनुचित प्रतीत होगी। भारत कुछ नये देशों में समान निर्यात करने में सफल होगा तो कुछ देशों से आयात करेगा। मोदी जी के लग्न का मंगल जिद्दी हठी जो बैठा है। संसार के किसी देश के सामने झुकने से मना कर देगा। नये मित्रों के सहयोग से भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम व समर्थ होगा। भारत सरकार को कडे आर्थिक फैसले लेने पडेगे। विनाशकारी हथियारों के प्रयोग का सरकार को निर्णय लेना होगा। मंगल के प्रभाव से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। सीमा पार आतंकी वारदात तथा गरीबों पर अत्याचार, धार्मिक उन्माद तहत दंगे फसाद की बढ़ोत्तरी होगी। कोई बड़ा नेता या अधिकारी जेल भी जा सकता है। रूपये का मूल्य चिंता का विषय होगा। भारत सरकार को कड़े आर्थिक फैसले लेने पड़ेंगे। किसी प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की मांग जोर से उठेगी। कोई बड़ा राजनैतिक दल सरकार में उलटफेर कराने में सक्षम होगा। शक्तिशाली देश छोटों पर कब्जा करने का प्रयास करेंगे। मुस्लिम देश किसी अन्य देश को लड़ाई में जबरन घसीट सकते हैं। राजा-प्रजा में बैर विरोध बढ़ेगा। चलते सामाजिक कार्यों में अवरोध पैदा होगा। देश के युवा वर्ग को रोजगार के साधन ज्यादा उपलब्ध होंगे। अधिक वर्षा से व्यवधान होगा । मलिक खड़गे की सिंह राशि है जो कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। गोचर ग्रह अनुसार गुरू लग्न में होने से विकास को नहीं दिशा मिलेगी। जनाधार बढ़ेगा। कांग्रेस पद में कब्जा जमाने के लिये आंतरिक कलह पर आगे आये पार्टी नेता एक दूसरे पर दोषा रोपण करेंगे। श्रीमती प्रियंका गांधी को प्रमुख पद देने की मांग पार्टी में जोर से उठेगी। राबर्ट बड़ेरा जी भी इस वर्ष चुनाव लड़ने के प्रति अपना रूझान दिखायेगे तथा राहुल गांधी की राशि तुला है जिसके छठवें स्थान पर शनि बैठे हैं। शनि चलेंगें तो राहुल गांधी को नई मुसीबतें खड़ा करेंगे। इनके द्वारा किये गये कार्यों की, बातों की आलोचना होगी। समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव सर्वे-सर्वा हैं। इनकी राशि मेष है। पार्टी की राशि कुम्भ है जिनका स्वामी शनि इस वर्ष मीन राशि में चलेगा। तो सफलता दिलाने में बाधक है। आम आदमी पार्टी के सर्वेसर्वा अरविंद केजरीवाल हैं। उनकी पार्टी के लिये कठिन वर्ष रहेगा। पार्टी व सुप्रीमों की राशि मेष है। उनके लिये कठिन वर्ष रहेगा। पार्टी सुप्रीमों की राशि में चल रहे चौथा गुरू परेशानियों में वृद्धि करेगा। अतः वर्ष कष्टप्रद देश व राष्ट्र को होगा । इति शुभम । (डॉ.पी.एल. गौतमाचार्य, अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिषी, ज्योर्तिविद वेदान्त, शास्त्री आयुर्वेदाचार्य स्वर्ण पदक से सम्मानित ) ईएमएस / 11 जनवरी 26