ज़रा हटके
12-Jan-2026
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वाशिंगटन,(ईएमएस)। सैन्य हथियारों की दुनिया में मिसाइलों और बमों की चर्चा आम है, लेकिन हाल ही में वेनेजुएला में हुए एक गुप्त ऑपरेशन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। खबर है कि अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए एक अत्याधुनिक सोनिक वेपन (ध्वनि आधारित हथियार) का इस्तेमाल किया। इस हथियार की तीव्रता इतनी भयावह थी कि वेनेजुएला के सैनिकों की नाक से खून बहने लगा और वे खून की उल्टियां करने लगे, जिससे उन्हें बिना किसी बड़े संघर्ष के घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा तब हुआ जब प्रत्यक्षदर्शियों ने इस खौफनाक हमले की कहानी बयां की। सोशल मीडिया पर साझा किए गए विवरणों के अनुसार, यह ऑपरेशन इतना सटीक था कि इसके आगे आधुनिक मिसाइलें भी विफल नजर आती हैं। एक सुरक्षा गार्ड ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान अचानक एक बेहद तेज ध्वनि तरंग महसूस हुई, जिससे सिर के अंदर विस्फोट जैसा दर्द हुआ। उसने दावा किया कि सैनिक जमीन पर गिर पड़े और हिलने-डुलने की स्थिति में भी नहीं थे। रडार ठप और डेल्टा फोर्स की एंट्री दावा किया जा रहा है कि इस सोनिक हमले से ठीक पहले वेनेजुएला के सभी रडार सिस्टम अचानक बंद हो गए थे। इसके तुरंत बाद आठ अमेरिकी हेलीकॉप्टरों से करीब 20 विशेष सैनिक उतरे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया कि इसकी योजना पिछले साल अगस्त से बनाई जा रही थी। इस मिशन में लगभग 150 विमान शामिल थे। 3 जनवरी की रात को अमेरिकी सेना की विशेष इकाई डेल्टा फोर्स ने वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया और बिजली आपूर्ति काट दी। कैसे पकड़े गए निकोलस मादुरो? रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीआईए के एजेंट जमीन पर मादुरो की हर हरकत पर नजर रख रहे थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए मादुरो और उनकी पत्नी हर रात अलग-अलग जगहों पर सोते थे। लेकिन उस रात ठीक 1:01 बजे अमेरिकी जवान मादुरो के परिसर में दाखिल हुए। मादुरो ने एक सुरक्षित कमरे में भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। उन्हें तुरंत हेलीकॉप्टर के जरिए युद्धपोत यूएसएस इवो जीमा पर ले जाया गया। अंतरराष्ट्रीय हलचल और आरोप फिलहाल मादुरो को न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां उन पर मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े गंभीर संघीय आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, मादुरो ने खुद को निर्दोष बताते हुए युद्धबंदी कहा है। इस ऑपरेशन में जनहानि को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। वेनेजुएला के अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई में लगभग 80 लोगों की मौत हुई है, जबकि अमेरिका ने किसी भी सैन्य क्षति से इनकार किया है। इस सोनिक वेपन के इस्तेमाल ने अब वैश्विक स्तर पर युद्ध के नए तरीकों और नैतिकता पर बहस छेड़ दी है। वीरेंद्र/ईएमएस 12 जनवरी 2026