ज़रा हटके
11-Jan-2026
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टोक्यो (ईएमएस)। वैज्ञानिकों ने एक बेहद विशालकाय ब्लैक होल की अब तक की सबसे स्पष्ट तस्वीर कैद की है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। यह ब्लैक होल एमसीजी-6-30-15 नाम की गैलेक्सी के केंद्र में स्थित है और इसका द्रव्यमान हमारे सूर्य से लगभग 20 लाख गुना अधिक बताया गया है। जापान की स्पेस एजेंसी जाक्सा और नासा के एक्सआरआईएसएम मिशन ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसका आकार जितना विशाल है, उससे कहीं ज्यादा चौंकाने वाली इसकी घूमने की रफ्तार यानी स्पिन है, जिसने वैज्ञानिकों को हैरानी में डाल दिया है। इस ऐतिहासिक खोज में पहली बार ब्लैक होल के बेहद करीब मौजूद आयरन एमिशन लाइन्स को असाधारण स्पष्टता के साथ देखा गया है। इन संकेतों के विश्लेषण से पता चला है कि यह ब्लैक होल अपने आसपास के स्पेसटाइम को बुरी तरह मरोड़ रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अब तक का सबसे सटीक एक्स-रे स्पेक्ट्रम है, जिसने अल्बर्ट आइंस्टीन की थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी को एक बार फिर पूरी मजबूती के साथ सही साबित कर दिया है। इस अध्ययन के लिए दुनिया के तीन सबसे शक्तिशाली टेलीस्कोप जाक्सा-नासा का एक्सआरआईएसएम, यूरोपियन स्पेस एजेंसी का एक्सएमएम-न्यूटन और नासा का नुस्टार एक साथ इस्तेमाल किए गए। एस्ट्रोफिजिस्ट लौरा ब्रेनेमैन के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की टीम ने इस ब्लैक होल की स्पिन को मापने में सफलता पाई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक किसी भी ब्लैक होल की पहचान मुख्य रूप से दो गुणों से होती है उसका द्रव्यमान और उसकी घूमने की गति। द्रव्यमान को मापना अपेक्षाकृत आसान होता है, लेकिन स्पिन को मापना बेहद जटिल प्रक्रिया है, क्योंकि इसके लिए इवेंट होराइजन के ठीक बाहर घूम रही गैस के व्यवहार का सूक्ष्म अध्ययन करना पड़ता है। एक्सआरआईएसएम मिशन के अत्याधुनिक ‘रिजॉल्व’ इंस्ट्रूमेंट ने इस मुश्किल काम को संभव बना दिया है। पहले के टेलीस्कोप ब्लैक होल से आने वाले एक्स-रे संकेतों को इतनी स्पष्टता से नहीं पकड़ पाते थे। पुराने डेटा में एमिशन और एब्जॉर्प्शन फीचर्स आपस में घुल-मिल जाते थे, जिससे सही निष्कर्ष निकालना कठिन हो जाता था। लेकिन एक्सआरआईएसएम की अभूतपूर्व क्षमता ने इन संकेतों को अलग-अलग पहचानने में मदद की है। इससे वैज्ञानिकों को ब्लैक होल के बिल्कुल नजदीकी क्षेत्र को समझने का अनोखा मौका मिला है और पुराने स्पिन मापों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब वैज्ञानिक कई अन्य ब्लैक होल्स के पुराने डेटा की दोबारा जांच करने की योजना बना रहे हैं। इस अध्ययन ने आइंस्टीन की उस भविष्यवाणी को भी मजबूत किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अत्यधिक द्रव्यमान वाली वस्तुएं अंतरिक्ष और समय को मोड़ सकती हैं। ब्लैक होल के पास देखी गई मुड़ी हुई आयरन एमिशन लाइन इस बात का सीधा प्रमाण है कि वहां पदार्थ बेहद तेज गति से घूम रहा है और प्रकाश तक प्रभावित हो रहा है। यह प्रक्रिया इवेंट होराइजन के बहुत करीब घटित हो रही है, जहां सामान्य भौतिकी के नियम बदल जाते हैं। इसके अलावा, इस रिसर्च से ब्लैक होल के आसपास मौजूद बेहद गर्म ‘कोरोना’ और वहां से निकलने वाली शक्तिशाली हवाओं के बारे में भी अहम जानकारी मिली है। वैज्ञानिकों ने ऐसी पांच अलग-अलग हवाओं की पहचान की है, जो गैलेक्सी के विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। सुदामा/ईएमएस 11 जनवरी 2026