- नवीन प्रताप सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम ओसी कलेक्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते हुए हाथरस (ईएमएस) । उन्नाव के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की रिहाई एवं निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा 1897 के जिलाध्यक्ष नवीन प्रताप सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन ओसी कलेक्ट्रेट को सौंपा गया। संगठन की ओर से आरोप लगाया गया कि पूर्व विधायक के विरुद्ध राजनीतिक षड्यंत्र के तहत मीडिया ट्रायल कराया गया और दबाव में एकतरफा कार्रवाई की गई। ज्ञापन में कहा गया कि उन्नाव की एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मीडिया ट्रायल और तथाकथित टुकड़े-टुकड़े गैंग के दबाव में सरकारी एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया ने आवश्यक तथ्यों, वैज्ञानिक परीक्षण और समुचित विश्लेषण के बिना ही पूर्व विधायक को दोषी ठहरा दिया। संगठन का कहना है कि निष्पक्ष रूप से पक्ष सुने जाने का अवसर नहीं मिला। महासभा ने यह भी आरोप लगाया कि बीते वर्षों में कुछ मामलों में क्षत्रिय समाज से जुड़े लोगों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। हाथरस के बूलगढ़ी प्रकरण सहित अन्य मामलों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि निर्दोष युवकों को वर्षों तक जेल में रहना पड़ा, बाद में न्यायालय से दोषमुक्त होने के बावजूद उनके जीवन, परिवार और सामाजिक प्रतिष्ठा को भारी क्षति पहुंची, लेकिन इस षड्यंत्र में शामिल लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में मांग की गई कि जब तक किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध न किया जाए, तब तक मीडिया ट्रायल पर रोक लगाई जाए। साथ ही पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके परिवार के पक्ष को सुना जाए तथा सभी तथ्यों की आधुनिक वैज्ञानिक विधियों से पुनः जांच कराई जाए, जिससे निष्पक्ष निर्णय हो सके। ज्ञापन देने वालों में हरीश सेंगर, देवेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, सोहन सिंह, देवेंद्र सिंह चौहान, योगेश पौरुष और ब्रजेश कुमार सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। ईएमएस/नीरज चक्रपाणी/ 13 जनवरी 2026