देश भर में ऐसा वातावरण बन रहा है जिसमें पुलिस के इकबाल पर सवाल उठ रहे हैं वहीं लोगों में पुलिस और कानून का भय समाप्त हो रहा है हाल ही में ऐसे अनेक रील वायरल हो रहे हैं जिनमें लोग पुलिस कर्मियों के साथ सीधे टकराव करते नजर पड़ते है अधिकतर लोग मारपीट और अपशब्दों का प्रयोग करते हैं वही कुछ जानबूझकर रील बनाने के लिए महिला होने का फायदा उठाकर पुलिस वाले को उकसावा और दुर्व्यवहार करने के भी मामले सामने आ रहे हैं यहां इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि बहुत सारे ऐसे पुलिस वाले भी है जो कानून के दायरे से बाहर जाकर आम आदमी के साथ दुर्व्यवहार गाली गलौज और मारपीट करते हैं उनकी हजारों रील सोशल मीडिया पर वायरल है। लेकिन क्या इस तरहकी अराजकता को बढ़ावा देने की सोच को प्रश्रय दिया जाना चाहिए? वहीं दूसरी ओर अपराधी तत्वों द्वारा भी पुलिस के इकबाल को चुनौती देने का सिलसिला जारी है एक ओर देश में हत्या, लूटपाट, बलात्कार जैसे अपराध जोरों पर हैं तो दूसरी ओर कानून की रखवाली पुलिस भी अपराधी तत्वों के हाथों सुरक्षित नहीं है और अपराधी तत्वों द्वारा छापेमारी करने के लिए जाने वाली पुलिस पर भी हमले किए जा रहे हैं। आपको कुछ वारदातों से रूबरू करा स्थिति की गंभीरता से अवगत कराने की कोशिश करते हैं एक रिपोर्ट में ऐसी वारदातों का हवाला दिया गया है 11 जनवरी 2026 को बगहा पुलिस जिले के लौकरिया थाना के नवकाटोला गोबरहिया गांव में आपसी विवाद की सूचना पर पहुंची डायल 112 टीम और गश्ती दल पर उग्र ग्रामीणों ने लाठी-डंडा से हमला कर दिया। महिला सिपाही की वर्दी फाड़ दी और वाहन क्षतिग्रस्त कर दिया। जिसमें डायल 112 के चालक समेत नौ पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिमाचल प्रदेश में माफिया के दुस्साहस देखिए चंबा जिला में 10 जनवरी 2026 शनिवार देर शाम 1.42 किलोग्राम चरस के साथ पकड़े युवक को पंचायत प्रधान समेत करीब 30 लोगों ने पुलिस की विशेष जांच इकाई (एसआइयू) पर हमला कर छुड़वा लिया। 18 जनवरी, 2025 को लुधियाना (पंजाब) के गांव कमालपुर में एक आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर आरोपी के 12 साथियों ने तेज धार हथियारों से हमला करके एस.एच.ओ. समेत 4 पुलिस कर्मी घायल कर दिए। 2 अप्रैल, 2025 को सीकर (राजस्थान) के अजीतगढ़ में एक बदमाश को पकड़ने गई पुलिस पर बदमाश के साथियों ने हमला करके पुलिस की 3 गाड़ियां तोड़ दीं व अनेक पुलिस जवानों को घायल कर दिया। 22 मई, 2025 को बेगूसराय (बिहार) में मल्हीपुर बिन टोली गांव में अवैध शराब के धंधेबाजों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर शराबियों ने हमला करके अनेक पुलिस कर्मियों को घायल कर दिया। 27 मई, 2025 को गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के नाहल गांव में वाहन चोरी के 2 दर्जन से अधिक मामलों में वांछित गैंगस्टर को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची पुलिस टीम पर गैंगस्टर के साथियों ने हमला कर दिया और एक कांस्टेबल सौरभ कुमार की गोली मार कर हत्या कर दी। 20 दिसम्बर, 2025 को सुपौल (बिहार) में त्रिवेणीगंज के नरहाटोला में शराब के धंधेबाजों ने अवैध देसी शराब को नष्ट कर रहे पुलिस कर्मचारियों पर हमला करके 1 सब इंस्पैक्टर सहित 4 पुलिस कर्मचारियों को घायल कर दिया व पुलिस की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। 23 दिसम्बर, 2025 को मऊ (उत्तर प्रदेश) में रानीपुर थाना क्षेत्र के गांव पिरुआ में धोखाधड़ी के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर आरोपी के साथियों ने हमला करके कई पुलिस कर्मियों को घायल कर दिया। 25 दिसम्बर, 2025 को मेरठ (उत्तर प्रदेश) में विभिन्न मामलों में वांछित 3 आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस टीम के सदस्यों को घेर कर दबंगों ने न केवल उनसे मारपीट की और उनकी गाड़ी तोड़ दी बल्कि एकसिपाही की वर्दी भी फाड़ डाली। 31 दिसम्बर, 2025 को समस्तीपुर (बिहार) में एक शराब तस्कर के ठिकाने पर छापेमारी करने गई पुलिस की टीम पर शराब के धंधेबाज और उसके साथियों ने पथराव करके एक दारोगा और पुलिस वाहन के ड्राइवर सहित 5 पुलिस कर्मचारियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। 9 जनवरी, 2026 को पलवल (हरियाणा) के मुंडकटी थाना क्षेत्र में अवैध शराब पकड़ने गई पुलिस टीम को तस्कर और उसके परिजनों ने गालियां निकालने के अलावा उन पर चाकुओं और लाठी-डंडों से हमला कर दिया और एक सिपाही की वर्दी भी फाड़ दी। 11 जनवरी, 2026 को औरंगाबाद (बिहार) के नथुनी बीघा गांव में शराब की गैर कानूनी बिक्री की सूचना मिलने पर छापा मारने पहुंची पुलिस की टीम पर शराब तस्कर के आदमियों ने चोर-चोर चिल्लाते हुए उन पर लाठी-ईंट और पत्थरों की बौछार कर दी जिससे 2 पुलिस जवान गंभीर रूप से घायल हो गए तथा पुलिस की गाड़ी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।मध्य प्रदेश में अपराधी बेखौफ होते जा रहे हैं। अब वे अपराध रोकने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला करने से नहीं हिचकते।8 जनवरी को सतना में कुछ उत्पाती बदमाशों ने 5 पुलिसकर्मियों को घेर लिया था। पुलिसकर्मियों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। दूसरी घटना मंडला में सामने आई, जहां बदमाशों ने पुलिस की जमकर धुनाई कर वर्दी फाड़ दी और बैच नोच लिए।11 जनवरी को रतलाम (मध्य प्रदेश) में नशीले पदार्थों की चैकिंग के लिए एक कार को रोकने पर बदमाशों ने पुलिस पर पथराव करके एक पुलिस कर्मचारी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। ये सभी वारदात गैर आतंकवाद प्रभावित इलाकों की है जबकि आतंकवाद नक्सलवाद प्रभावित इलाकों में स्थिति और अधिक चिंताजनक है। समाज में कानून व्यवस्था कायम करने व देश की रक्षा करने वाले पुलिस कर्मियों पर हमले निश्चय ही अपराधी तत्वों के बढ़ रहे दुःसाहस और कानून का डर समाप्त हो जाने का ही परिणाम हैं। अतः ऐसे अपराधियों से निपटने के लिए कड़े प्रावधानों वाला कानून बनाने की आवश्यकता है ताकि ऐसा करने वालों को कठोरतम दंड मिले। इससे अन्य अपराधियों को नसीहत मिलेगी और ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सकेगी।पुलिस जनता की मित्र और सहयोगी बने इस के लिए सभी को प्रयास करना होगा एक ओर पुलिस को अपने भ्रष्टाचार को दूर कर अपराधियों के खिलाफ इकबाल जगाना होगा वही आम आदमी के बीच पुलिस की छवि को धूमिल होने से बचाना होगा ताकि पुलिस और आमजन के बीच एक सम्मान जनक रिश्ता कायम रहे और अपराधियों के विरुद्ध दोनों मिल कर बिगुल बजा सकें। (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं) ईएमएस / 14 जनवरी 26