क्षेत्रीय
14-Jan-2026


बिलासपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर से भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। याचिका में स्काउट गाइड जंबूरी के राज्य अध्यक्ष पद से जुड़े विवाद को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सवाल किया है कि बृजमोहन अग्रवाल को अध्यक्ष पद से कैसे और किस आधार पर हटाया गया। इस संबंध में राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। मामले की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि बृजमोहन अग्रवाल लगातार भारत स्काउट्स-गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य अध्यक्ष के रूप में कार्य करते आ रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या सुनवाई के पद से हटाने की प्रक्रिया अपनाई गई, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र को अध्यक्ष बनाया जाना असंवैधानिक याचिका में बताया गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 13 दिसंबर 2025 को जारी आदेश के माध्यम से स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को भारत स्काउट्स-गाइड्स छत्तीसगढ़ का राज्य अध्यक्ष मनोनीत कर दिया गया। इसी आदेश को याचिका में असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी गई है। इससे पहले बृजमोहन अग्रवाल के शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्हें स्काउट्स-गाइड्स का राज्य अध्यक्ष बनाया गया था। अध्यक्ष होने के बावजूद नहीं दी गई आवश्यक जानकारियां याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्हें जंबूरी के आयोजन, कार्यक्रम स्थल परिवर्तन और अन्य निर्णयों की कोई जानकारी नहीं दी गई। सांसद होने के साथ-साथ परिषद के वैधानिक अध्यक्ष की हैसियत से उन्होंने 5 जनवरी को जंबूरी से संबंधित बैठक भी ली थी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है कि पदेन अध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया क्या थी और किस नियम या आधार पर यह निर्णय लिया गया। मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को निर्धारित की गई है। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 14 जनवरी 2026